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Hindi News बिहार वो जिंदा हैं ना, कब लौटेंगे? पत्नी की पुकार से रो पड़ा गांव; डोडा में बिहार का लाल शहीद

वो जिंदा हैं ना, कब लौटेंगे? पत्नी की पुकार से रो पड़ा गांव; डोडा में बिहार का लाल शहीद

शहीद हरेराम कुंवर के 2 बेटे हैं। उनकी पत्नी और मां को शहादत की खबर नहीं दी गई है। शहीद के बड़े भाई जय प्रकाश कुंवर गुंडी गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं।

hareram kunwar martyr- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT शहीद हरेराम कुंवर की फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार दोपहर एक ऑपरेशन के लिए जाते समय बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। ड्राइवर के नियंत्रण खोने से हुए हादसे में 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 घायल हो गए। गाड़ी में कुल 21 जवान सवार थे। 

वाइफ-मां को नहीं दी गई शहादत की खबर

हादसा भदरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर 9000 फीट ऊंचे खन्नी टॉप पर हुआ। घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में भोजपुर जिले का जवान भी शामिल है। 38 साल के हरेराम कुंवर बड़हरा प्रखंड में नथमलपुर गांव के रहने वाले थे। हरेराम कुंवर के 2 बेटे हैं। पत्नी और मां को शहादत की खबर नहीं दी गई है। इंडिया टीवी की टीम जब जवान के घर पहुंची तो शहीद की पत्नी ने रिपोर्टर को देखते ही सबसे पहला सवाल किया वो जिंदा तो हैं ना? कब लौटेंगे?

बदहवास हुई जुड़वा बहन

हरेराम कुंवर ने 2003 में मैट्रिक की पढ़ाई शाहपुर प्रखंड के बरिसवन गांव से पूरी की थी। 2005 में आरा के महाराजा कॉलेज से इंटरमीडिएट किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो सेना में भर्ती हो गए। साल 2011 में दानापुर की बिहार रेजिमेंट की फोर्थ बिहार यूनिट में उनका सिलेक्शन हुआ। उनके बड़े भाई जय प्रकाश कुंवर गुंडी गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। जुड़वा बहन रिंकी देवी भाई की शहादत की खबर से बदहवास हैं। सभी पार्थिव शरीर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।  

(रिपोर्ट- मनीष सिंह)

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