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Hindi News बिहार इंस्पेक्टर बेटे की बंगाल में हत्या से दुखी मां की भी मौत, PM मोदी ने कही यह बात

इंस्पेक्टर बेटे की बंगाल में हत्या से दुखी मां की भी मौत, PM मोदी ने कही यह बात

बिहार के पुर्णिया जिले में कल शहीद थाना प्रभारी अश्विनी कुमार के घर से एक साथ दो-दो अर्थियां निकलीं। एक शहीद दारोगा अश्विनी कुमार की और दूसरी उनकी मां उर्मिला देवी की। शहीद की मौत पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुर्णिया ज़िले में कल एक मां और एक बेटे की चिता साथ में जलाई गई।

<p>इंस्पेक्टर बेटे की...- India TV Hindi Image Source : SOCIAL MEDIA इंस्पेक्टर बेटे की बंगाल में हत्या से दुखी मां की भी मौत, PM मोदी ने कही यह बात

पूर्णिया (बिहार): बिहार के पुर्णिया जिले में कल शहीद थाना प्रभारी अश्विनी कुमार के घर से एक साथ दो-दो अर्थियां निकलीं। एक शहीद दारोगा अश्विनी कुमार की और दूसरी उनकी मां उर्मिला देवी की। शहीद की मौत पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुर्णिया ज़िले में कल एक मां और एक बेटे की चिता साथ में जलाई गई। बहुत हृदय विदारक दृश्य था। मां की मृत्यु अपने बेटे की हत्या के सदमे से हुई थी,वो वीर जवान दो दिन पहले अपने कर्तव्य का पालन करने बंगाल की धरती पर आया था। लेकिन यहां उसे पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी गई। बता दें कि पीएम मोदी ने यह बात पश्चिम बंगाल के वर्धमान में रैली को संबोधित करते हुए कही।

शहीद की बेटी ने कल बताया था उनके पिता अश्विनी कुमार काफी ईमानदार और बहादुर थाना प्रभारी थे लेकिन पुलिस और अन्य लोगों ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या करवा दी। उनके गांव के लोगों ने कहा है कि इंस्पेक्टर मनीष कुमार सारे घटना के पीछे दोषी हैं। उन्हें बर्खास्त किया जाए और ऐसे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मुकदमा कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

एमएलसी दिलीप जायसवाल ने कहा कि परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग सही है। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में किशनगंज में उसका एफआईआर नहीं होगा तब तक बंगाल पुलिस से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी साबित होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की नाकामी के कारण आज शहीद अश्विनी कुमार की हत्या हुई है, इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बंगाल पुलिस और किशनगंज की पुलिस का रवैया रहा इससे साबित होता है कि कहीं ना कहीं साजिश है। अगर किशनगंज की पुलिस पीठ दिखाकर नहीं भागती तो आज शहीद अश्विन की हत्या नहीं होती।