छत्तीसगढ़ में जल्द ही कैबिनेट का विस्तार होने की संभावना है। राज्य में पहली बार 14 सदस्यों का मंत्रिमंडल बन सकता है। छत्तीसगढ़ में अब तक अधिकतम 13 मंत्री ही रहे हैं, लेकिन अब 14 मंत्री बन सकते हैं। फिलहाल यहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को मिलाकर 11 मंत्री हैं और तीन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। नियमों के अनुसार विधायकों की कुल संख्या के 15 फीसदी नेताओं को ही मंत्री बनाया जा सकता है।
हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 14 सदस्यों का मंत्रिमंडल हो सकता है। दोनों राज्यों में 90 विधानसभा सीटें हैं। नियमों के अनुसार यहां 13.5 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 14 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। हरियाणा में भी 14 मंत्री हैं और अब छत्तीसगढ़ में भी ऐसा हो सकता है।
क्यों हो रहा मंत्रिमंडल का विस्तार?
बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद उनकी जगह सुनील सोनी विधायक चुने जा चुके हैं। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद से बृजमोहन अग्रवाल की जगह किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास और धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उनके जिम्मे था। वहीं, दूसरे मंत्री का पद पहले से ही खाली रखा गया था। अच्छा प्रदर्शन करने वाले विधायक को यह पद दिया जाना था। वहीं, तीसरा पद अतिरिक्त रूप से हरियाणा की तर्ज पर दिया जा सकता है।
इन विधायकों को मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल के विस्तार में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन का ध्यान रखा जा सकता है। ऐसे में बनिया फैक्टर को अहमियत दी जा सकती है। फिलहाल मंत्री बनने की रेस में गजेंद्र यादव, खुशवंत साहेब, अमर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत का नाम शामिल है। इनमें से तीन नेताओं को 20 अगस्त तक मंत्री बनाया जा सकता है।
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