A
Hindi News दिल्ली दिल्ली एमसीडी चुनाव 2022: जानें क्यों इस गांव के लोगों ने नहीं डाला एक भी वोट, मतदान अधिकारी लौटे खाली हाथ

दिल्ली एमसीडी चुनाव 2022: जानें क्यों इस गांव के लोगों ने नहीं डाला एक भी वोट, मतदान अधिकारी लौटे खाली हाथ

Delhi MCD Election: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव आज संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के अनुसार दिल्ली में करीब 50 फीसद मतदान हुआ है। मगर राजधानी का एक गांव ऐसा भी रहा कि जहां से एक भी व्यक्ति वोट डालने नहीं निकला और मतदान बूथ पर सन्नाटा पसरा रहा।

चुनाव की प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi Image Source : PTI चुनाव की प्रतीकात्मक फोटो

Delhi MCD Election: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव आज संपन्न हो चुका है। इसके साथ ही सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के अनुसार दिल्ली में करीब 50 फीसद मतदान हुआ है। मगर राजधानी का एक गांव ऐसा भी रहा कि जहां से एक भी व्यक्ति वोट डालने नहीं निकला और मतदान बूथ पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम साढ़े पांच बजने के बाद मतदान कर्मी खाली हाथ वापस चले गए। गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार करके उन नेताओं को आइना दिखाने का दावा किया है, जो वोट लेने के बाद उनके क्षेत्रों में दिखाई नहीं देते।

यह मामला दिल्ली में बवाना के कटेवड़ा गांव में सामने आया है, जहां के मतदान केंद्रों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। यहां के निवासियों ने रविवार को एमसीडी चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार किया और निगम पर गांव की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। गांव को कोई भी व्यक्ति वोट डालने मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचा। गांव निवासी कृष्णा वत्स ने कहा, ‘‘पूरे गांव ने सर्वसम्मति से चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया। नगर निगम के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने हमेशा यहां के लोगों की उपेक्षा की है, इसलिए हम वोट क्यों दें?’’ वत्स ने कहा, ‘‘यहां की मुख्य सड़कें टूटी हुई हैं, नालियां जाम हैं और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) स्कूलों की हालत जर्जर है।’’ एक अन्य निवासी रोहित कौशिक ने दावा किया कि गांव को जाने वाली तीन सड़कें पूरी तरह से टूटी हुई हैं, जिससे इलाके में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

15 वर्षों से टूटी सड़कें
गांव के निवासियों ने कहा कि नगर निगम प्रशासन को 200 से 250 लिखित शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालत यह है कि यहां पिछले 10-15 साल से सड़कें ऐसी ही टूटी पड़ी हैं। मगर कोई संज्ञान नहीं ले रहा। गांव के लोगों ने कम से कम 200 से 250 लिखित शिकायतें की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने कहा कि यहां तक कि श्मशान घाट पर भी उचित व्यवस्था नहीं है।’’ कटेवड़ा गांव के वार्ड 30 से एक कथित वीडियो भी सामने आया, जिसमें क्षेत्र के निवासी अपने घरों से बाहर निकलते दिख रहे हैं, हालांकि उनमें से कोई भी मतदान केंद्रों पर नहीं आया।