जन विश्वास (विधियों में संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत दिल्ली मेट्रो से जुड़े कई नियमों को बदलने का प्रस्ताव रखा गया है। यह विधेयक पास होने पर मेट्रो में बदसलूकी करने वाले लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। अब मेट्रो में कुछ लिखने पर 10000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, महिला कोच में घुसने वाले लोग 5000 रुपये तक जुर्माना झेल सकते हैं। मौजूदा समय में ऐसा करने पर काफी कम जुर्माना लगता है। अगर आप मेट्रो में कोई आपत्तिजनक सामान लेकर जाते हैं या उसका प्रदर्शन करते हैं तो आपको 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है। नया विधेयक पास होने के बाद जुर्माने की राशि बढ़कर 2500 रुपये हो जाएगाी।
शुक्रवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने जन विश्वास (विधियों में संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके जरिए कुछ आपराधिक प्रवधानों की जगह आर्थिक दंड लगाने की व्यवस्था की जा रही है। यह विधेयक मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 में बदलाव करेगा। इसके जरिए मेट्रो के फर्श पर बैठने, डिब्बे में कुछ लिखने या महिला कोच में घुसने पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी है।
क्या नियम बदले?
आईपीसी की धारा 21 की जगह बीएनएस की धारा-2 के खंड 28 का उल्लेख किया जाएगा। मौजूदा समय में नशे में यात्रा करने, उपद्रव करने, थूकने, फर्श पर बैठने, झगड़ा करने और आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। अब इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया जाएगा। वहीं, मेट्रो कोच पर कुछ लिखने और उसे हटाने से मना करने पर फिलहाल धारा 62(3) के तहत 1000 रुपये तक का जु्र्माना या 6 महीने की कैद या दोनों का प्रावधान है। इसकी जगह अधिकतम 10000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान लाया जाएगा। वहीं, 6 महीने की कैद का प्रवाधान खत्म होगा।
महिला कोच में घुसने पर भारी जुर्माना
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में घुसने पर पुरुषों के खिलाफ धारा 64 (1) के तहत कार्रवाई होती है। उन पर 250 रुपये का जुर्माना या 3 महीने की कैद या दोनों लगाए जाते हैं। नए नियम के तहत अधिकतम 5000 रुपये तक का जु्र्माना लगाया जाएगा। यहां भी कैद का प्रावधान खत्म कर दिया गया है।
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