भारत सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन की तैयारी कर ली है। इसके लिए मई में दो दिन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। यह बिल मई में आएगा और संसद से मंजूरी दिलाई जाएगी। मौजूदा सत्र 2 अप्रैल को स्थगित होगा। इस सत्र को स्थगित करने से पहले सरकार सदन में इसकी सूचना देगी कि मई में दो दिनों तक सदन की कार्यवाही चलेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत महिलाओं को देश की सभी विधानसभाओं और लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सितंबर, 2023 में संसद से पारित किया गया था।
यह बिल पहली बार 1996 में संसद में लाया गया था, लेकिन अलग-अलग कारणों से यह दोनों सदनों में पास नहीं हो सका। 2023 में इसे दोनों सदनों से पास किया गया। इसके तहत प्रावधान है कि आम जनगणना पूरी होने के बाद नया परिसीमन किया जाएगा और जो सीटें बढ़ेंगी, उन्हें महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। अब सरकार इसमें बदलाव कर इसे 2011 की जनगणना के हिसाब से लागू करने की तैयारी कर रही है।
कब-कब सदन में आया महिला आरक्षण का बिल
महिला आरक्षण बिल पहली बार 1996 में सदन में पेश किया गया था, लेकिन जोरदार विरोध के बाद इसे वापस ले लिया गया। 1998, 1999, 2002, 2003 और 2008 में यह बिल सदन में आया, लेकिन पास नहीं हो सका। 2008 में लाए गए बिल को 2010 में राज्यसभा ने इसे पास कर दिया था, लेकिन लोकसभा में बिल पास नहीं हो सका, क्योंकि सरकार भंग हो चुकी थी। अंत में 2023 में यह बिल पास हुआ। लोकसभा में इसके पक्ष में 454-0 और राज्यसभा में 214-0 वोट पड़े थे।
बंगाल चुनाव में बीजेपी को मिल सकता है फायदा
अगर बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में यह मुद्दा बनता है तो बीजेपी को इसका फायदा मिल सकता है। इससे टीएमसी का महिला वोटबैंक बीजेपी के खाते में आ सकता है। इस स्थिति में बीजेपी बंगाल में भी सत्ता में आ सकती है, क्योंकि पिछले चुनाव में भी बीजेपी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इस बार वोट प्रतिशत बढ़ने पर बीजेपी सत्ता में भी आ सकती है।
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