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दिल्ली दंगा: 49 आरोपियों के खिलाफ चलेगा मुकदमा, कोर्ट ने तय किए आरोप

दिल्ली दंगा मामले में आखिरकार 49 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है।

दिल्ली दंगा- India TV Hindi Image Source : पीटीआई दिल्ली दंगा

नई  दिल्ली: वर्ष 2020 में पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में अब 49 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की अदालत ने इस मामले में 49 आरोपियों के खिलाफ दंगे और आगजनी समेत विभिन्न अपराधों के तहत आरोप तय किए हैं। हालांकि अदालत ने इन सभी आरोपियों को आपराधिक षड़यंत्र के आरोप से मुक्त कर दिया और कहा कि आरोपियों और अन्य लोगों ने कोई साजिश रची थी, यह साबित नहीं हो सका। 

एक आरोपी सबूतों के अभाव में बरी

अदालत ने एक आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त करार दिया और कहा कि दंगाई भीड़ में उसके शामिल होने के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। एडिशनल सेशन जज पुलस्त्य प्रमाचला 51 आरोपियों के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। इनमें से सुलेमान सिद्दीकी नाम के एक व्यक्ति को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी उस भीड़ का हिस्सा थे जिसने 24 फरवरी, 2020 को मुख्य वजीराबाद रोड पर एक कार के शोरूम में अतिक्रमण, तोड़फोड़ और आगजनी की थी। 

एडिशनल सेशन जज ने पारित आदेश में कहा, प्रथम दृष्टया मैंने पाया है कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं 147 (दंगा), 148 (दंगा करना, घातक हथियारों से लैस होना), 427 (उपद्रव मचाने और उसके कारण 50 रुपये या उससे अधिक की राशि की हानि या क्षति करने के लिए दंड), 435 (आगजनी या विस्फोटक पदार्थों के जरिए 100 रुपये या उससे अधिक राशि का नुकसान करना) और 436 (घर आदि को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से उपद्रव मचाना) के तहत मुकदमा चलना चाहिए।” 

एडिशनल सेशन जज ने कहा कि आरोपियों को आईपीसी की धारा 450 (किसी भी अपराध को करने के लिए किसी घर में अतिक्रमण), 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) और 149 (गैरकानूनी सभा) के तहत भी मुकदमा चलेगा। उन्होंने कहा, “चूंकि इस मामले की जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद आफताब के भीड़ में शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, इसलिए उसे आरोपमुक्त किया जाता है।” (इनपुट-भाषा)