"पहले शादी, फिर बच्चे और वो बड़े हो जाएं उसके बाद सोचना...मेरे जीवन में भी वह फेज रहा", 'SHE' कॉन्क्लेव में बोलीं रेखा गुप्ता
India TV द्वारा आयोजित 'SHE' कॉन्क्लेव में सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया। सीएम रेखा ने कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा।
India TV की ओर से सोमवार को SHE कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी भाग लिया। रेखा गुप्ता ने सबसे पहले भारतीय टीम को टी20 विश्व कप जीतने के अवसर पर बधाई दी। इसके बाद कार्यक्रम में रेखा गुप्ता ने महिलाओं के जीवन की चुनौतियों पर बात की। रेखा गुप्ता ने बताया कि महिलाओं के जीवन का एक फेज होता है जब उनकी शादी होती है तो जो भी महिलाएं जॉब में या अन्य क्षेत्र में होती हैं, हर जगह एक ब्रेक फील होता है। परिवार की प्राथमिकता होती है कि पहले अपनी लाइफ सेटल करो। पहले शादी, फिर बच्चे और वो बड़े हो जाए उसके बाद सोचना। मेरे जीवन में भी वह फेज रहा। जब मेरी शादी हुई तो उसके शुरुआती साल में मैं सबकुछ से कटऑफ थी। बस घर-परिवार बच्चे और पति के बीच में थी।
राजनीति में कैसे आईं रेखा गुप्ता?
सीएम रेखा ने कहा कि "जब मैं इस फील्ड में आई तब मुझे ये नहीं पता था कि इसे राजनीति कहते हैं। मैं छात्र संघ के प्लेटफॉर्म पर काम करती थी। किसी समस्या को सुलझाना लोगों को उसका लाभ दिलाना अच्छा लगता था। मुझे नहीं पता था कि मेरी मंजिल क्या है लेकिन मुझे ये पता था कि मैं जिस रास्ते पर हूं ये अच्छा काम है और मैं अच्छा इनपुट दे पा रही हूं। कॉलेज के समय जब चुनाव लड़ी तो घर में बड़ा खतरनाक माहौल था। मां नहीं मानती थीं। वह कहती थीं की राजनीति बनियों के बच्चों का काम नहीं है। पर पिताजी हमेशा मुझे सपोर्ट करते थे और कहते थे बेटी जो करना चाहती है उसे मौका देना चाहिए।"
सीएम रेखा ने कहा कि "जिस क्षेत्र में मैं रह रही थीं वो बार-बार महिला सीट हो रही थी। पहले मैंने मना किया। लेकिन जब तीसरी बार वह सीट महिला घोषित हुई तब लगा कि भाग्य चाह रहा है कि चुनाव लड़ूं। ये सिर्फ मेरी कहानी नहीं बल्कि हर भारतीय महिला की कहानी है कि उसकी प्राथमिकता फैमिली और बच्चे होते हैं। हर बहन ने अपने जीवन में कोई न कोई बड़ा अवसर जरूर छोड़ा होगा। सीएम रेखा ने कहा कि महिलाओं के जीवन में कुछ चीजें Inbuilt आती हैं उनमें से एक है परिवार का ख्याल रखना। हम अपने मन का भी काम करते हैं और परिवार व समाज का भी काम खुशी से करते हैं।"
महिलाओं का सफर ज्यादा चुनौतीपूर्ण- CM रेखा
सीएम रेखा ने कहा कि "पुरुष को सपाट रास्ता मिलता है जिसपर वह दौड़ता जाता है लेकिन महिला को एक बोझ के साथ पथरीला रास्ता मिलता है। वह उन रास्तों पर चलती है, परिवार, दुनिया सभी की निगाहें महिला पर होती है। पुरुष को शायद लोगों से ये नहीं सुनना पड़ता कि उन्हें क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए। पर महिलाओं पर हमेशा एक प्रश्न चिह्न लगा होता है। इसलिए निश्चित तौर पर महिलाओं का सफर ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है और उनसे ज्यादा उम्मीदें होती हैं।"
'मेहनत का कोई जेंडर नहीं होता'
सीएम रेखा ने कहा कि "राजनीति समेत हर फील्ड में महिलाओं ने अपना स्थान बनाया है और अपनी क्षमता को साबित किया है। मेहनत का कोई जेंडर नहीं होता है। भाग्य से ज्यादा और समय से पहले किसी को कुछ नहीं मिलता। हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए, हार नहीं माननी चाहिए।"
महिलाओं की आय होनी चाहिए- CM रेखा
सीएम रेखा ने कहा कि "समाज भले आगे बढ़ गया हो लेकिन ऐसे सैकड़ों मामले हैं जहां घर-परिवार की विकट परिस्थिति में भी महिलाएं रहने के लिए मजबूर हैं। वहां उनको मौलिक अधिकार नहीं मिलते, उनके साथ घरेलु हिंसा होती है। सिर्फ इस कारण कि उनके पास अपना कोई साधन नहीं है, इनकम सोर्स नहीं है। ऐसे में महिलाएं नर्क जैसा जीवन जीने को मजबूर रहती हैं। इसलिए मैं मानती हूं कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, उनकी अपनी आय हो ताकि वह सम्मान के साथ जीवन जी सके।"
सीएम रेखा ने की रजत शर्मा की तारीफ
सीएम रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा की भी तारीफ की। सीएम रेखा ने बताया कि "रजत जी का दिल्ली विश्वविद्यालय से काफी जुड़ाव है। वे खुद DUSU में रहे। हम रजत जी की कहानियां लोगों को सुनाते हैं कि कैसे उन्होंने SRCC से सफर शुरू किया और आज देश के इतने बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंचे हैं। वह खुद लोगों और देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं।"
इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने भी सीएम रेखा गुप्ता की तारीफ की। उन्होंने कहा- "मैं मानता हूं कि दिल्ली विश्वविद्यालय की मिट्टी और हवा में कुछ ऐसा है कि ये साधारण से साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति को भी अवसर प्रदान करता है और आप उसका एक बहुत बड़ा उदाहरण हैं। एक साधारण परिवार से आ कर दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचना ये दिल्ली का और दिल्ली विश्वविद्यालय का सम्मान है।"
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