India TV की ओर से SHE कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम और यूपी जीएसटी डिपार्टमेंट में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहीं डॉ मीनाक्षी वर्मा ने भाग लिया। इस खास मौके पर गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जीवन में आने वाली मुश्किलों पर बात करते हुए कहा, "पिछले दिनों कई जिलों में मेरी पोस्टिंग हुई लेकिन समस्या हर जगह है। हालांकि अब हर जगह पर गांव में भी बेटियों को लेकर बदलाव आ रहा है। गांव-गांव की लड़की आगे बढ़ने का सपना देख रही है। मैं गर्व से कह सकती हूं कि यूपी की लड़कियां बहुत मेहनत कर रही हैं और वह देश में बहुत नाम करेंगीं।"
वहीं टैक्स ऑफिसर डॉ. मीनाक्षी वर्मा ने कहा, "सभी को लगता है महिला टेक्निकल बैकग्राउंड में ज्यादा काम नहीं कर सकती हैं। ऐसे में हमेशा हमें अपने आप को प्रूव करना पड़ता है कि हम हम भी बेहतर कर सकती हैं।" हालांकि डॉ. मीनाक्षी वर्मा ने कहा कि लाइफ में चैलेंज होना भी जरूरी है, चैलेंज के बिना जीवन व्यर्थ है। वहीं जब गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम से दफ्तरों में होने वाले मेल ईगो या किसी महिला का ऑर्डर पुरुष द्वारा न स्वीकार्य किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, जिसपर मेधा रूपम ने कहा, "मेल ईगो की बात है तो फिर हर फील्ड में महिलाओं को आगे आना पड़ेगा। अगर हर जगह महिलाएं रहेंगी तो महिलाएं खुद ही सश्कत होंगी और ये समाज उनके लिए सुरक्षित होगा।" मेधा रूपम ने कहा, "यहां गौतमबुद्धनगर में हर क्षेत्र में महिलाएं काम कर रही हैं। हर जगह आपको महिलाएं दिख जाएंगे। लोगों ने भी हमें बहुत स्नेह दिया है, जिसके लिए मैं आभारी भी हूं।"

डॉ. मीनाक्षी वर्मा ने महिलाओं की चुनौतियों के बारे में बात करते हुए कहा, "फैमिली के सामने भी हमें खुद को प्रूव करना होता है। एक महिला पर बहुत ज्यादा जिम्मेदारी होती है। पहली लड़ाई तो घर से ही शुरू होती है। इसके बाद हम तैयारी करते हैं और खुद प्रूव करते हैं। आखिरकार जब रिजल्ट आता है, तब हमारी सोसायटी भी हमारे साथ हो जाती है।" वहीं जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि महिला के जीवन में परिवार का सपोर्ट बहुत जरूरी है। परिवार के सपोर्ट के बीच में भी अगर आप किसी काम में जुट जाएंगीं तो सभी लोग आपको सपोर्ट करने लगते हैं। अगर आप दृढ़ शक्ति से लग जाएंगी तो आप सब कुछ पा सकती हैं। सबसे पहले तो खुद की हिचक होती है, उस बैरियर को तोड़ने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें-
संपादक की पसंद