नई दिल्ली: India TV द्वारा आयोजित 'SHE' कॉन्क्लेव में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के होश उड़ाने वाली स्क्वाड्रन लीडर नेहा और आकांक्षा गेस्ट के रूप में आईं। उन्होंने इंडिया टीवी के सवालों के खुलकर जवाब दिए।
आकांक्षा ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बताया कि एक फौजी के लिए इतने साल की ट्रेनिंग के बाद वो समय आता है, जब हम वो रोल निभाने के लिए तैयार होते हैं। हम टीम के साथ पूरी तरह तैयार थे। हम हर चैलेंज के लिए तैयार थे। मैं जहां पोस्टेड थी, मिक्स इमोशन थे। हमें इसे रोकना था और जल्दी खत्म करना था।
उन्होंने कहा कि कहीं भी पोस्टिंग हो, मुझे हमेशा आगे रखा गया। सोसाइटी में अभी थोड़ा समय और लगेगा कि महिलाएं हर जगह स्वीकार्य हों। महिलाएं अपनी जगह बना लेंगी।
उन्होंने कहा कि मैं स्कूल के समय से कैप्टन विक्रम बत्रा से प्रेरित थी। मैं बचपन से खुद को आर्मी में देखना चाहती थी। मैं फ्लाइंग करना चाहती थी। मेरे पिता कहते थे कि डरो मत, आगे बढ़ो, हम हमेशा तुम्हारे पीछे खड़े हैं। मैंने आईटी कंपनी में भी काम किया और फिर आर्मी में गई।
आकांक्षा ने बताया कि मेरे पिता तैयारी के वक्त मुझे सुबह उठाकर दौड़ाने के लिए ले जाते थे। तब लोग पिता से कहते थे कि लड़कों के बीच में कहां तुम लड़की को दौड़ाने के लिए ले आते हो। लेकिन अब बदलाव आया है और लोगों की सोच बदल रही है।

स्क्वाड्रन लीडर नेहा ने कहा कि महिलाएं बहुत अच्छा कर रही हैं और आने वाले वक्त में और भी महिलाएं आर्मी में होंगी। मेरा भाई सिविल लाइन में है और मैं फौज में हूं। ये मेरी तीसरी जेनरेशन आर्मी में है। परिवार बहुत खुश है।
नेहा ने बताया कि मेरी शादी एक फौजी से हुई है। हम दोनों समझते हैं कि हमारी यूनिफॉर्म की जिम्मेदारी क्या है। एक महिला के तौर पर आपको थोड़ा ज्यादा देखना पड़ता है। हम दोनों घर में भी एनवॉल्व होते हैं और बाहर भी काम करते हैं। हम दोनों एक दूसरे की जॉब की रिस्पेक्ट करते हैं।
नेहा ने बताया कि जब मैं ड्यूटी पर होती हूं तो मैं ये सुनिश्चित करती हूं कि सारे जहाज सुरक्षित लैंड हों। ये एक चैलेंज है लेकिन ये हमारे जॉब का हिस्सा है और मैं इस पर गर्व करती हूं।
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