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Hindi News दिल्ली JNU : प्रोफेसर शांतिश्री बनीं जेएनयू की नई वाइस चांसलर, होंगी विवि की पहली महिला कुलपति

JNU : प्रोफेसर शांतिश्री बनीं जेएनयू की नई वाइस चांसलर, होंगी विवि की पहली महिला कुलपति

प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की कमान पहली बार किसी महिला के हाथ में है। पुणे यून‍िवर्सिटी की प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित को जेएनयू का नया वाइस चांसलर नियुक्‍त किया गया है। वह जेएनयू की पहली महिला वीसी हैं।

JNU- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO JNU

नई दिल्‍ली। प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की कमान पहली बार किसी महिला के हाथ में है। पुणे यून‍िवर्सिटी की प्रफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित को जेएनयू का नया वाइस चांसलर नियुक्‍त किया गया है। वह जेएनयू की पहली महिला वीसी हैं। इनका कार्यकाल पांच साल का होगा। वह इससे पहले वह सावित्री बाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थीं। शांतिश्री जेएनयू की 13वीं कुलपति होंगी। वह प्रोफेसर एम.जगदीश कुमार की जगह लेंगी, जिन्हें अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पिछले साल जेएनयू के कुलपति के तौर पर अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद से एम जगदीश कुमार कार्यवाहक कुलपति के तौर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे।

जेएनयू की रही हैं पूर्व छात्र
शांतिश्री जेएनयू की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से 1986 में एमफिल और 1990 में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इससे पहले उन्होंने मद्रास स्थित प्रेजिडेंसी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। वहीं, सावित्री बाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से पहले वह गोवा यूनिवर्सिटी में भी पढ़ा चुकी हैं।

रूस में हुआ जन्म
59 साल की शांतिश्री का जन्म रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। तब उनकी मां वहां के लेनिनग्रेड ओरिएंटल फैकल्टी डिपार्टमेंट में तमिल व तेलुगू विषयों की प्रोफेसर थीं।

शांतिश्री की शुरुआती पढ़ाई मद्रास (अब चेन्‍नै) में हु,  जेएनयू से एम.फिल में टॉप किया। फिर यहीं से पीएचडी भी की। 1996 में उन्‍होंने स्‍वीडन की उप्‍पसला यूनविर्सिटी से डॉक्‍टोरल डिप्‍लोमा हासिल किया। हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल जैसी छह भाषाओं में दक्ष प्रफेसर पंडित कन्‍नड़, मलयालम और कोंकणी भी समझ लेती हैं।

नामी यूनिवर्सिटीज में पढ़ा चुकी हैं प्रो. पंडित
प्रोफेसर पंडित के पिता सिविल सर्विसिज में थे। टीचिंग में 34 साल से ज्‍यादा का अनुभव रखने वाली प्रफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने पुणे यूनिवर्सिटी के अलावा गोवा यूनिवर्सिटी, ओस्‍मानिया यूनिवर्सिटी, रक्षाशक्ति यूनिवर्सिटी, मद्रास यूनिवर्सिटी में भी बढ़ाया है। इसके अलावा वह केंद्र सरकार की कई अहम समितियों में भी शामिल रही हैं। अंतराष्‍ट्रीय विषयों पर बेहतरीन पकड़ रखने वाली प्रफेसर ने कई रिसर्च प्रॉजेक्‍ट्स में महती भूमिका अदा की। दुनिया के कई नामी संस्‍थानों में उनकी फेलोशिप है। राष्‍ट्रीय-अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर उन्‍हें कई सम्‍मानों से भी नवाजा जा चुका है।