दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने एटीएफ वैट 25% से घटाकर 7% कर दिया है। दिल्ली सरकार ने शनिवार को इस राहत देने वाले फैसले का ऐलान किया। इससे सरकार की कमाई जरूर कम होगी, लेकिन दिल्ली से यात्रा करने वाले लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। दिल्ली के अलावा भी अन्य राज्यों के लोग बड़े पैमाने पर दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करते हैं, उनमें से अधिकतर लोगों को रेखा गुप्ता सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा मिलेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने लिया है।
देश के हर राज्य की सरकार फ्यूल पर वैल्यू एडेड टैक्स लगाती है। दिल्ली में अब तक यह टैक्स 25 फीसदी था, जिसे घटाकर 7 फीसदी कर दिया गया है। इससे उन विमानों को फायदा होगा, जो दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्यूल भरवाएंगे। वैट कम होने से फ्यूल की कीमत कम होगी। ऐसे में एयरलाइंस किराए में भी कटौती करेंगी और यात्रियों को कम किराया देना पड़ेगा। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि सभी यात्री और एयरलाइन कंपनियों को इस निर्णय का लाभ मिलेगा।
फ्यूल की बढ़ती कीमतों से परेशान थी एयरलाइंस
पश्चिमी एशिया में जारी तनाव की वजह से एयरलाइंस पर चौतरफा मार हो रही थी। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर रोक के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। वहीं, युद्ध के कारण पश्चिमी एशिया के कई देशों से विमानों को गुजरने की अनुमति नहीं है। इससे उनका रूट लंबा हो रहा है और लागत बढ़ रही है। युद्ध के कारण पश्चिमी एशिया के कई देशों में एयरलाइंस को विमानों का संचालन बंद करना पड़ा था। इससे भी उन्हें नुकसान हुआ है। इसी वजह से एयरलाइंस किराया बढ़ा रही थीं। अब दिल्ली सरकार के फैसले ने एयरलाइंस के लिए राहत दी है।
दोगुनी हुई फ्यूल की कीमतें
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष शुरू होने के समय से तुलना करें तो फ्यूल की कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक सिंगापुर एयरलाइन ने यह बात कही है। फ्यूल की कीमतों का असर सभी एयरलाइंस पर पड़ रहा था। अब दिल्ली से उड़ान भरने वाली फ्लाइट की लागत थोड़ी कम होगी। इससे किराए में भी कमी आने की उम्मीद है।
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