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चुनाव परिणाम के बाद संघीय मोर्चा सरकार के लिए कांग्रेस का समर्थन लेने को तैयार, लेकिन नहीं देंगे ड्राइवर सीट: टीआरएस

लोकसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान ने कहा है कि चंद्रशेखर राव द्वारा प्रस्तावित क्षेत्रीय दलों का संघीय मोर्चा केंद्र में सरकार बनाने के लिए तब तक कांग्रेस का समर्थन लेने को तैयार है जब तक कि वह ‘‘ड्राइवर सीट’’ नहीं मांगती। 

KCR- India TV Hindi Image Source : PTI चुनाव बाद सरकार बनाने को लेकर टीआरएस की तरफ से आया बड़ा बयान

हैदराबाद। लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में 59 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद 23 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम सबसे सामने होंगे। देश में अगली सरकार किसकी बनेगी इस बात को लेकर अभी से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। एक ओर जहां भाजपा और कांग्रेस केंद्र में अपनी सरकार बनने का दावा कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ दल इस बार केंद्र में तीसरे मोर्चे की सरकार बनने की बात कह रहे हैं।

अब चुनाव परिणाम के बाद सरकार गठन को लेकर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने कहा कि इसके मुखिया एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा प्रस्तावित क्षेत्रीय दलों का संघीय मोर्चा केंद्र में सरकार बनाने के लिए तब तक कांग्रेस का समर्थन लेने को तैयार है जब तक कि वह ‘‘ड्राइवर सीट’’ (सरकार का संचालन) नहीं मांगती। 

लोकसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान के इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि उनकी पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व वाले संगठन के साथ काम करने को तैयार है। खान ने पीटीआई से कहा, ‘‘केसीआर इस बात पर दृढ़ हैं कि ड्राइवर सीट पर संघीय मोर्चा होना चाहिए और उसी को सरकार चलानी चाहिए।’’ 

‘कांग्रेस से बाहर से समर्थन लेने का विकल्प तलाशा जाएगा’

टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान ने कहा कि सरकार बनाने के लिए संख्या कम होने की स्थिति में कांग्रेस से बाहर से समर्थन लेने का विकल्प तलाशा जाएगा।  उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सरकार संघीय मोर्चे की होगी और कांग्रेस को अपना समर्थन बाहर से देना होगा। हम इस बात पर दृढ़ हैं कि ड्राइवर सीट पर क्षेत्रीय दल होने चाहिए। प्रधानमंत्री का पद संघीय मोर्चे के घटकों में से किसी एक को जाना चाहिए। प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार (संघीय मोर्चे के) घटक दलों से एक सर्वसम्मत उम्मीदवार होगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे (कांग्रेस) बात करने और यह देखने को तैयार हैं कि वे हमें सरकार बनाने के लिए समर्थन देते हैं या नहीं। यदि वे ऐसा करते हैं तो क्षेत्रीय दल तब तक इसके खिलाफ नहीं हैं जब तक कि वे (कांग्रेस) ड्राइवर सीट नहीं मांगते।’’ 

‘संघीय मोर्चा किसी भी तरह भाजपा से नहीं जुड़ेगा’
उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा के खिलाफ हैं। हम भाजपा के साथ कुछ नहीं चाहते, न उसका समर्थन करना चाहते, न उससे समर्थन लेना चाहते। केसीआर से बात करने वाले ज्यादातार घटकों का भी यही मत है कि वे वे भाजपा के साथ कोई संबंध नहीं रखेंगे।’’