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कांग्रेस ने कहा, केरल में हमें बाहर करने को माकपा और भाजपा अंदर से हाथ मिला रहे

2019 के लोकसभा चुनावों में एनडीए कुल मतों का 15.64 प्रतिशत हिस्सा पाने में कामयाब रही थी, जो 2016 के विधानसभा चुनावों के 14.96 प्रतिशत से ज्यादा था।

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Image Source : FACEBOOK.COM/MULLAPPALLY.RAMACHANDRAN केरल में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ पार्टी मार्क्‍सवादी कमयुनिस्ट पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि वे अनैतिक गठबंधन कर रहे हैं।

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: केरल में कांग्रेस ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ पार्टी मार्क्‍सवादी कमयुनिस्ट पार्टी (CPM) पर हमला करते हुए कहा कि वे अनैतिक गठबंधन कर रहे हैं। साथ ही कहा कि ‘इस गठबंधन के मुख्य अभिनेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन हैं।’ केरल राज्य कांग्रेस के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने दिल्ली में मीडिया से कहा, ‘कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने के अपने आखिरी मकसद को पूरा करने के लिए वे हर अच्छे-बुरे तरीके का सहारा लेंगे। आप सभी उस घटना को याद रखें जब कन्नूर एयरपोरट् को आधिकारिक तौर पर खोलने से पहले ही विजयन ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष शाह के विमान को वहां उतरने की अनुमति दे दी थी।’

रविवार को गृह मंत्री शाह बीजेपी की केरल इकाई द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक रैली में भाग लेने के लिए राज्य की राजधानी पहुंचे थे। वहां उन्होंने सोने की तस्करी और रिवर्स डॉलर हवाला मामलों के संबंध में विजयन से कुछ सवाल पूछे थे। ये वही मामले हैं, जिन पर विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। इस पर विजयन ने सोमवार को इन सवालों के जवाब देने के बजाय अपने ही सवाल दाग दिए थे। इस मसले पर केरल राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, ‘आप बस इन दोनों मामलों की जांच की गति देखें। आप पाएंगे कि जैसे ही जांच अहम मोड़ पर पहुंची, वैसे ही जांच अचानक रुक गई। यह साबित करता है कि इन दोनों पार्टियों ने अंदरखाने से हाथ मिलाए हुए हैं, क्योंकि यदि जांच सही तरीके से होती तो दोनों को मुश्किल हो सकती है।’

बता दें कि केरल में 140 सीटों पर 6 अप्रैल को वोट पड़ने हैं। वैसे तो यहां सीधा मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ और CPM के नेतृत्व वाली एलडीएफ के बीच होता था, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी धीरे-धीरे यहां जगह बनाने लगा है। साल 2016 के विधानसभा चुनावों में NDA ने एक सीट जीतकर अपना खाता खोला था। वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में एनडीए कुल मतों का 15.64 प्रतिशत हिस्सा पाने में कामयाब रही थी, जो 2016 के विधानसभा चुनावों के 14.96 प्रतिशत से ज्यादा था।