मुंबई: 21 जनवरी से जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शुरू हो गया हैं। फेस्टिवल का पहला दिन एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, एंकर करण जौहर के नाम रहा। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में फिल्म निर्माता करण जौहर ने देश में लोकतंत्र पर सवाल उठाते हुए असहिष्णुता के मुद्दे को फिर से उठाया है। असहिष्णुता को लेकर बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर- प्रोड्यूसर करण जौहर ने असहिष्णुता पर बड़ा बयान दिया है। करण ने कहा है कि मन की बात कहना भारत में सबसे मुश्किल है। उनका कहना है कि, ‘फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन भारत में सबसे बड़ा जोक है और डेमोक्रेसी उससे भी बड़ा मजाक है’।
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करण का मानना है कि, 'आप अपनी जिंदगी के बारे में बोलने पर भी जेल में जा सकते हैं, तो फिर अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब ही क्या है? इसका मतलब तो यह हुआ कि अभिव्यक्ति की आजादी हमारे देश में सबसे बड़ा मजाक है और लोकतंत्र दूसरा बड़ा मजाक'।
करण के अनुसार अगर कोई शख्स एक पब्लिक फिगर है तो वो खुलकर अपने मन कि बात कहीं नहीं कह सकता। जाहिर है उनका इशारा आमिर खान के विवाद की तरफ था। करण ने कहा, 'मैं एक फिल्म मेकर हूं, लेकिन जब भी फिल्में बनता हूं तो डरता हूं कि कहीं कोई मेरे खिलाफ किसी बात से नाराज होकर लीगल नोटिस न जारी कर दे। यहां जयपुर से वापस जाने के बाद भी मेरे खिलाफ कोई लीगल नोटिस आ सकता है।यह सब कहने के बाद मैं भी अब एक एफआईआर किंग हूं'।
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