कौन थीं गोविंदा की मां? बॉलीवुड में हासिल किया बड़ा मुकाम, फिर मुस्लिम से बनीं हिंदू, चकचौंध छोड़ बनीं साध्वी
80 के दशक में कुछ एक्टर्स ने जहां अपने एक्शन से अपनी पहचान बनाई तो वहीं गोविंदा ने अपनी कॉमिक टाइमिंग और लटकों-झटकों से दर्शकों के दिलों में अपनी अलग जगह बनाई।
बॉलीवुड में जब भी कॉमेडी और डांस की बात होती है तो गोविंदा का जिक्र जरूर होता है। आज के समय में भले ही गोविंदा फिल्मी पर्दे से दूर हैं, लेकिन 80-90 के दशक में गोविंदा का जलवा ऐसा था कि अपने करियक के पीक पर उन्होंने साल में 15-15 फिल्में साइन कीं। उन दिनों गोविंदा का जलवा ऐसा था कि उनके सामने बड़े-बड़े सुपरस्टार्स का जलवा भी फीका था। आज यानी 21 दिसंबर को गोविंदा अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं, इस मौके पर आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे पहलुओं के बारे में बताते हैं, जो बताते हैं कि उन्होंने कैसे फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है।
गोविंदा का जन्म
गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर 1963 को मुंबई में अरुण आहूजा और निर्मला देवी के घर हुआ। गोविंदा के पिता अरुण आहूजा खुद भी एक एक्टर और फिल्म निर्माता थे, लेकिन कभी उन्हें अपने बेटे जैसी सक्सेस नसीब नहीं हुई। वहीं गोविंदा की मां निर्मला देवी एक सिंगर और अभिनेत्री थीं। यानी, गोविंदा के माता-पिता अपने दौर के जाने-माने कलाकार थे।
कभी चॉल में रहते थे गोविंदा
गोविंदा भले ही दो जाने-माने कलाकारों के बेटे थे, लेकिन उनका बचपन काफी मुश्किलों भरा रहा और स्टारकिड होने के बाद भी उनका बचपन चॉल में ही कटा। गोविंदा शुरुआती दिनों में अपने परिवार के साथ मुंबई के विरार इलाके के एक चॉल में रहते थे। फिर चॉल से निकलकर गोविंदा ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई और 90 के दशक के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बने। आज भी गोविंदा उस दौर को याद करते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं।
मुस्लिम थीं गोविंदा की मां
बता दें, निर्मला देवी के नाम से मशहूर हुईं गोविंदा की मां पहले मुस्लिम थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना धर्म बदल लिया और हिंदू बन गईं। उनका जन्म 7 जून 1927 को वाराणसी में हुआ था। उनका असली नाम नजमा था और वह बनारस के एक संगीत घराने से ताल्लुक रखती थीं। यानी वह शुरुआत से ही संगीत से भरे माहौल में पली-बढ़ी थीं और क्लासिकल सिंगर थीं। उन्होंने 1941 में अरुण कुमार आहूजा से शादी कर ली और फिर अपना धर्म बदलकर निर्मला देवी बन गईं।
गोविंदा के जन्म के बाद भक्ति में डूब गईं निर्मला देवी
अरुण कुमार आहूजा से शादी के बाद निर्मला देवी के 5 बच्चे हुए। जिनका नाम पद्मा, कामिनी, कृति कुमार, पुष्पा आनंद और गोविंदा है। गोविंदा के जन्म के बाद धीरे-धीरे निर्मला देवी भक्ति में डूब गईं और आखिरकार साध्वी बन गईं। 15 जून 1996 को उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। गोविंदा ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उनकी मां ने अपनी मौत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी।
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