राब्ता

raabta movie review sushant singh rajput kriti sanon 2.5 star rating, पढ़ें, कैसी है सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन की फिल्म राब्ता

raabta movie review sushant singh rajput kriti sanon 2.5 star rating
मूवी रिव्यू:: राब्ता
Critics Rating: 2.5 / 5
पर्दे पर: 9 जून, 2017
कलाकार: सुशांत सिंह राजपूत, कृति सेनन
डायरेक्टर: दिनेश विजान
शैली: मिस्ट्री-ड्रामा
संगीत: प्रीतम

भारतीय सिनेमा में कई बार पुनर्जन्म की कहानी पर फिल्म बन चुकी है। सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन की फिल्म भी पुनर्जन्म की ही कहानी है। फिल्म का नाम ‘राब्ता’ है तो पहले आपको राब्ता का मतलब बता देते हैं। राब्ता यानी संबंध। ये कहानी पिछले जन्म के संबंध की ही है, जो दोबारा इस जन्म में मिलते हैं।

फिल्म की कहानी शिव (सुशांत सिंह राजपूत) नाम के एक लड़के की है, जो हंगरी के शहर बुडापेस्ट में बैंकर है। मूल रूप से अमृतसर का रहने वाले शिव की मुलाकात बुडापेस्ट में सायरा (कृति सेनन) नाम की एक लड़की से होती है। सायरा चॉकलेट बनाती है और दोनों की पहली सायरा की चॉकलेट शॉप में ही होती है। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ जाते हैं, और दो दिन में ही दोनों को एक दूसरे से मोहब्बत हो जाती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब जाकिर मर्चेंट (जिम सरभ) नाम के एक बड़े बिजनेसमैन की एंट्री होती है। जाकिर की एंट्री से पता चलता है कि ये कहानी अभी नहीं शुरू हुई है, बल्कि तीनों का कनेक्शन पिछले जन्म का है।

इंटरवल के पहले तक फिल्म अच्छी लगती है, लेकिन फिल्म जैसे ही फिल्म पुनर्जन्म में जाती है, बोरिंग लगने लगती है। पुनर्जन्म की कहानी से आप खुद को कुछ खास कनेक्ट नहीं कर पाएंगे, उनकी प्रेम कहानी आपको इमोशनल नहीं करेगी।

फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन की फ्रेश जोड़ी है। दोनों के बीच फिल्माए गए नोंक-झोंक और प्यार के सीन काफी अच्छे लगे हैं। सुशांत के हिस्से काफी अच्छे और मजेदार वनलाइनर्स डायलॉग हैं जिन्हें सुशांत ने बहुत अच्छे से उन्हें डिलीवर किया है।

अभिनय की बात करें तो सुशांत सिंह राजपूत का अभिनय काबिले तारीफ है। एक्टिंग में वो बाकी एक्टर्स से बेहतर हैं। कृति ने भी अपना रोल बखूबी निभाया है, फिल्म में वो काफी खूबसूरत लगी हैं। जिम सरभ फिल्म में निगेटिव रोल में हैं। इससे पहले आपने उन्हें सोनम कपूर की फिल्म ‘नीरजा’ में देखा था। जिम हिंदी बोलने में थोड़े कमजोर लगे हैं, लेकिन ओवरऑल उनका अभिनय भी ठीक था। फिल्म में ‘फुकरे’ और ‘दिलवाले’ में काम कर चुके अभिनेता वरुण शर्मा भी हैं। वरुण सुशांत के दोस्त के किरदार में हैं, और हमें हंसाते हैं। फिल्म में राजकुमार राव 324 साल के बूढ़े के किरदार में हैं। फिल्म देखने से पहले मुझे उम्मीद थी कि शायद उनका किरदार खास होगा, लेकिन फिल्म में उनके पास करने के लिए कुछ खास नहीं था और किसी भी तरह की छाप छोड़ने में वो नाकामयाब रहे हैं।

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी है। कहानी में नयापन नहीं है, मुझे लगता है पुनर्जन्म की कहानी दिखाने के लिए फिल्ममेकर्स को कुछ नया प्रयोग करना पड़ेगा। ऐसी कहानी दर्शक पहले भी कई बार देख चुके हैं। फिल्म पर ‘मगधीरा’ की कहानी चुराने के आरोप लगा था, लेकिन यहां मैं आपको बता देती हूं, यह फिल्म ‘मगधीरा’ जैसी बिल्कुल नहीं है। हां, फिल्म का आइडिया उससे मिलता-जुलता जरूर है। वैसे भी ‘मगधीरा’ से इसकी तुलना करना ठीक भी नहीं है क्योंकि ‘राब्ता’ ‘मगधीरा’ के आगे कहीं नहीं ठहरती है।

फिल्म का निर्देशन दिनेश विजान ने किया है। विजान इससे पहले ‘लव आजकल’, ‘कॉकटेल’, ‘फाइंडिंग फैनी’ और ‘हिंदी मीडियम’ जैसी कई फिल्मों के निर्माता रह चुके हैं। बतौर निर्देशक उनकी यह पहली फिल्म है। निर्माता के रूप में विजान कहीं बेहतर हैं, फिल्म का निर्देशन औसत ही है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। फिल्म के लोकेशन्स और विजुअल्स शानदार हैं।

​म्यूजिक की बात करें तो प्रीतम का संगीत अच्छा है। फिल्म के गाने कैची हैं। अरिजीत सिंह का गाया गाना 'इक वारी' एक सोलफुल सॉन्ग है, जिसे आप एन्जॉय करेंगे।

देखे या नहीं

सुशांत और कृति की फ्रेश जोड़ी और सुशांत की एक्टिंग की वजह से आप यह फिल्म देख सकते हैं। कहानी में कोई नयापन नहीं है, हां मगर आप सुशांत सिंह राजपूत या कृति सेनन के फैन हैं तो यह फिल्म देख सकते हैं।

इस फिल्म को मैं ढाई स्टार दूंगी।