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Hindi News मनोरंजन टीवी सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स की विनर बनीं केरल की आर्यनंदा बाबू, ट्राफी के साथ जीता 5 लाख कैश प्राइज

सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स की विनर बनीं केरल की आर्यनंदा बाबू, ट्राफी के साथ जीता 5 लाख कैश प्राइज

सा रे गा मा पा लिटिल चैम्प्स सीजन 8 की विनर केरल की आर्यनंदा बाबू बनीं। उन्होंने इस बात की खुशी हैं कि हिंदी न आते हुए भी उन्होंने हिंदी गाने गाकर यह उपलब्धि हासिल की।

सारेगामापा लिटिल चैंप्स की विनर बनीं केरल की आर्यनंदा बाबू, ट्राफी के साथ जीता 5 लाख कैश प्राइज- India TV Hindi Image Source : INSTAGRAM/ZEETV सारेगामापा लिटिल चैंप्स की विनर बनीं केरल की आर्यनंदा बाबू, ट्राफी के साथ जीता 5 लाख कैश प्राइज

बच्चों के सिंगिग रियलिटी शो सा रे गा मा पा  सीजन 8  के विजेता के नाम की घोषणा कर गई है। रविवार को हुए ग्रैंड फिलाने में केरल की आर्यनंदा ने अपने सिर विनर का ताज पहना। ग्रैंड फिनाले में मेहमानों के रूप में शक्ति कपूर, जैकी श्रॉफ और गोविंदा मौजूद रहे। ग्रैंड फिनाले में आर्यनंदा और गुरकीरत सिंह की जबरदस्त टक्कर के बाद ट्राई आर्यनंदा ने अपने नाम की। इसके साथ ही आर्यनंदा को पांच लाख रूपए कैश प्राइज भी दिया गया। 

आपको बता दें कि आर्यनंदा को हिंदी भाषा बिल्कुल भी नहीं आती थी लेकिन उन्होंने अपने सुर से हर किसी के मन में ऐसा रस घोला कि वह विनर के तौर पर सामने आईं। वहीं रानिता बनर्जी और गुरकीरत सिंह को पहला और दूसरा रनरअप चुना गया।

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विनर बनाने के बाद आर्यनंदा ने खुशी जताते हुए कहा- 'यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब तक का पूरा सफर मेरे लिए सीख लेने वाला अनुभव था। मैं मेंटर्स और जजेज की आभारी हूं जिन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया और मुझे एक सिंगर के तौर पर मेरी क्षमता पहचानने में मदद की। भले ही यह सफर खत्म हो गया है लेक‍िन जो दोस्त, ज्ञान और जजेज-ज्यूरी के साथ जो रिश्ते मैंने यहां बनाए वो मैं सहेज कर रखूंगी। मैं मेरी प्रतिभा को प्रदर्शन के लिए मिले इस मौके के लिए बेहद खुश हूं। '

आर्यनंदा ने ईटाइम्स को इंटरव्यू देते हुए अपनी हिंदी भाषा में आ रही परेशानियों के बारे में बताते हुए कहा,  शुरुआत में उन्‍हें यह जरूर लगा था कि उनके लिए यह काम मुश्‍क‍िल होने वाला है। हिंदी भाषी नहीं होने के कारण उन्‍हें हमेशा शब्‍दों के उच्‍चारण और समझ की परेशानी थी, लेकिन फिर उन्‍होंने इसके लिए ट्रेनिंग ली। वह कहती हैं, 'मैं हिंदी नहीं जानती। इसलिए शब्‍दों के उच्‍चारण और उनके मतलब को समझने के लिए मैंने ग्रूमिंग सेशन लिए, जिसने मेरी खूब मदद की।'