'कौन बनेगा करोड़पति 13' की पहली करोड़पति हमें हिमानी बुंदेला के रूप में मिली हैं। हिमानी बुंदेला का जीतना इसलिए भी खास था क्योंकि वो दोनों ही आंखों से देख नहीं सकती हैं। 10 साल पहले एक सड़क हादसे में हिमानी की आंखों की रोशनी चली गई। आंखों से दिखना भले बंद हो गया मगर हिमानी ने सपने देखने नहीं छोड़े। हिमानी ना सिर्फ बचपन का सपना पूरा करते हुए कौन बनेगा करोड़पति का हिस्सा बनीं, बल्कि 1 करोड़ का ईनाम भी जीता।
हिमानी बचपन से ही टीवी में दिखना चाहती थीं। हिमानी को जब पता चला कि कौन बनेगा करोड़पति में सिर्फ जनरल नॉलेज और पढ़ाई के बल पर हिस्सा ले सकते हैं तभी उन्होंने ने ठान लिया था कि उन्हें भी एक दिन हॉट सीट पर बैठना है और अमिताभ बच्चन से मुलाकात करनी है। हिमानी ने बताया कि जब वो हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सामने बैठी थीं तो उन्हें तब ये सब किसी सपने जैसा लग रहा था। हिमानी ने बताया कि अमिताभ बच्चन बहुत ही अच्छे हैं, वो खुद हाथ पकड़कर हॉट सीट पर बिठाते थे और अपने हाथों से पानी का गिलास भी ऑफर करते थे। हिमानी ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में इस बात की जानकारी दी कि वो बचपन में दोस्तों के साथ केबीसी खेला करती थीं, जिसमें वो खुद अमिताभ बच्चन बनकर दोस्तों से सवाल पूछा करती थीं।
अपने एक्सीडेंट के बारे में बात करते हुए हिमानी ने बीबीसी से कहा कि वो एक्सीडेंट इतना बुरा था कि उनकी जींस तक बुरी तरह से फट गई थी। लेकिन उन्हें लगा कि चलो शरीर की चोट है भर जाएगी कुछ वक्त में। मगर एक हफ्ते बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनकी आंखों की रोशनी कम हो रही है। हिमानी ने अपने पापा से इस बारे में बात की और दोनों आंखों का टेस्ट कराने डॉक्टर के पास गए, मगर वहां जाकर जो सच्चाई पता चली उसके लिए ना हिमानी तैयार थीं ना उनके पिता। डॉक्टर ने बताया कि हिमानी की आंखों का रेटिना खिसक गया है और अगर ऑपरेशन ना हुआ तो आंखों की रोशनी पूरी तरह चली जाएगी। तीन ऑपरेशन के बाद हिमानी की आंखों की रोशनी काफी हद तक आ गई थी, मगर चौथा ऑपरेशन सक्सेस नहीं हुआ और उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई।
हिमानी बुंदेला ने बताया कि इसके बाद वो 6 महीने तक डिप्रेशन में थीं, मगर उन्होंने धीरे-धीरे हिम्मत जुटाई। आज वो खुश हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी आंखों में रोशनी भले ना हो मगर उनके मम्मी-पापा की आंखों में उनकी वजह से चमक है। हिमानी टीचर हैं और वो केबीसी में जीते हुए पैसों से दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए कोचिंग खोलना चाहती हैं।