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Newsclick मामले में क्यों लगाई गईं यूएपीए की धाराएं, दोषी साबित होने पर कितनी होती है सजा? जानें सबकुछ

न्यूजक्लिक मामले में यूएपीए के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समाचार पोर्टल के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन (एचआर) विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। इस लेख में हम यूएपीए की उन धाराओं को समझने की कोशिश करेंगे जिनके तहत केस दर्ज किए गए हैं।

न्यूजक्लिक का दफ्तर सील- India TV Hindi Image Source : पीटीआई न्यूजक्लिक का दफ्तर सील

नई दिल्ली : 'न्यूज क्लिक' मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस समाचार पोर्टल के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन (एचआर) विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया। ‘न्यूजक्लिक’ पर केंद्र सरकार के बारे में कथित तौर पर फर्जी विमर्श को बढ़ाने के लिए चीन से पैसे प्राप्त करने का आरोप है। इससे पहले न्यूज क्लिक से जुड़े 85 ठिकानों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान दिल्ली पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप समेत करीब 80 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को जब्त कर लिया था। इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच की जा रही है। 

बताया जाता है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सेंट्रल एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर न्यूज क्लिक पर छापेमारी की है। जिनके घर छापेमारी हुई उनमें कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल है। स्पेशल सेल ने न्यूज क्लिक से जुड़े पत्रकारों के लिए 25 सवालों की एक लिस्ट तैयार की थी। इसमें 2020 के दिल्ली दंगे किसान आंदोलन और विदेश यात्रा से जुड़े सवाल भी शामिल थे।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूएपीए और आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने यूएपीए की धारा-16,17,18 और 22 सी के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही FIR में आईपीसी की धारा-153A (दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 120B (आपराधिक साजिश) की धारा भी लगाई गई है।

Image Source : इंडिया टीवीन्यूजक्लिक

दोषी साबित होने पर कितनी हो सकती है सजा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूपीएपीए की जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है अगर उनमें आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें लंबी सजा मिल सकती है। 

यूएपीए की धारा-16 

यूएपीए की धारा-16 आतंकवादी कृत्यों से जुड़ी हुई है। अगर आतंकवादी कृत्य में किसी की मौत होती है तो दोषी को फांसी या उम्रकैद के साथ-साथ जुर्माने की सजा मिल सकती है। अन्य मामलों में कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान है।

यूएपीए की धारा-17

यूएपीए की धारा-17 आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने से जुड़ी हुई है। इस मामले में अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसे पांच साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जाता है।

यूएपीए की धारा-18

यूएपीए की धारा-18  साजिश रचने के मामले में सजा तय करती है। इस धारा के तहत अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तो पांच साल से लेकर उम्रकैद की सजा हो सकती है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया जाता है।

यूएपीए की धारा -22 सी

यूएपीए की धारा -22 सी के तहत कंपनी, ट्रस्ट या फिर सोसायटी की ओर से किए गए कृत्यों के लिए सजा का प्रावधान है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर सात साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है। इसके साथ ही कम से कम पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इस जुर्माने को बढ़कर 10 करोड़ तक किया जा सकता है।

आईपीसी की धारा 153 ए

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 ए धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भवा बिगाड़ने के मामले में लगाई जाती है। इस धारा के तहत दोष साबित होने पर तीन तक की जेल, या जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में कुल 46 लोगों से पूछताछ की। इनमें से पुरुषों से स्पेशल सेल के दफ्तर में और 9 महिलाओं से उनके घर पर पूछताछ हई। दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2020 में न्यूजक्लिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। यह आरोप लगाया गया था कि इस वेबसाइड को वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी नाम की अमेरिकी कंपनी से 9.59 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला था। इसके बाद ईडी ने न्यूजक्लिक के दफ्तर, इससे वेब साइट से जुड़े डारेक्ट्रस् और शेयरहोल्डर्स के ठिकानों की तलाशी ली। ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गी गई थी। ईडी की जांच में न्यूज क्लिक को तीन साल में 38.05 करोड़ रुपये के विदेश फंड मिलने की बात सामने आई है। यह भी पता चला कि न्यूज क्लिक को 9.59 करोड़ रुपये एफडीआई के जरिए और 28.46 करोड़ रुपये सर्विसेज के एक्सपोर्ट के तौर पर मिले थे।