संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब कानून बन चुका है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है, जिसमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के साथ कई अन्य पार्टी के नेता ठहाके लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद मुसलमानों के तथा-कथित संरक्षक वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद पर्दे के पीछे खुशी मना रहे हैं, जिसमें ओवैसी भी शामिल हैं।
हालांकि फैक्ट चेक में वायरल दावा पूरी तरह फर्जी निकला। हमारी जांच में पुष्टि हुई कि यह वीडियो 29 जनवरी 2025 का है, जब वक्फ संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति की बैठक समाप्त होने के बाद सदस्य आपस में चर्चा कर रहे थे।
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 5 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “विपक्ष, संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पास होने का जश्न मना रहा है, वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल भी दिख रहे है। उधर अब्दुल इनके भाषणों से प्रभावित होकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सबसे ज्यादा हंसी ओवैसी को आ रही है, बताइए।”
पड़ताल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल के एक्स पोस्ट पर वायरल वीडियो मिला, उन्होंने 29 जनवरी 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “आज दिनांक 29-1-2025 को “वक़्फ़ संशोधन बिल-2024” पर बनीं “जेपीसी” द्वारा संशोधन अडॉप्ट होनें के बाद सत्ता और विपक्ष के सदस्य चाय पर हँसी- मजाक। ख़ुशनुमा माहौल, यही संसदीय प्रजातंत्र की ख़ूबसूरती है।”
Image Source : screenshotफैक्ट चेक
इस पोस्ट को देखने के बाद हमारी पड़ताल में स्पष्ट हो गया हाल फिलहाल का नहीं, बल्कि 29 जनवरी 2025 का है, जब वक्फ संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति की बैठक समाप्त होने के बाद सदस्य आपस में चर्चा कर रहे थे।
बता दें कि अगस्त 2024 में केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज था। वक्फ संशोधन बिल के लिए कुल 31 सदस्यों की टीम बनी थी। लोकसभा में शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 में जेपीसी के लिए 21 लोकसभा सांसदों के नाम प्रस्तावित किए थे, वहीं राज्यसभा से 10 सदस्यों के नाम शामिल किए गए थे।
Fact Check में क्या निकला?
फैक्ट चेक में सामने आया है कि यह वीडियो 29 जनवरी 2025 का है, जब वक्फ संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति की बैठक समाप्त होने के बाद सदस्य आपस में चर्चा कर रहे थे। जांच में वायरल सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक निकला। यूजर्स को ऐसे किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। (इनपुट: भाषा)
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