A
  1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. अहमदाबाद: 3 साल की बेटी के साथ साबरमती नदी में कूदी महिला, दोनों की मौत

अहमदाबाद: 3 साल की बेटी के साथ साबरमती नदी में कूदी महिला, दोनों की मौत

स्थानीय बचाव दल ने महिला और उसकी बच्ची को बाहर निकाला। इस समय बच्ची जिंदा थी और मां के साथ लिपटी हुई थी। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

Suicide- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY प्रतीकात्मक तस्वीर

गुजरात के अहमदाबाद में एक महिला ने अपनी तीन साल की बेटी के साथ साबरमती नदी में कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि महिला की डूब जाने से मौत हो गई, जबकि नदी से बाहर निकाले जाने पर बच्ची जीवित थी, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार रात उसकी भी मौत हो गई। साबरमती (पूर्व) रिवरफ्रंट थाने के अधिकारी ने बताया कि पिंकी रावत (38) ने शाम को शहर के उस्मानपुरा इलाके के पास अपनी बेटी के साथ नदी में छलांग लगा दी। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थानीय बचाव दल ने दोनों को बाहर निकाला, नदी से बाहर निकालते समय बच्ची जीवित थी और वह अपनी मां से लिपटी हुई थी। अधिकारी ने बताया कि बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।

चार अगस्त को महिला ने की थी आत्महत्या

गुजरात के अहमदाबाद शहर में सोमवार को एक महिला ने अपने सात वर्षीय बेटे के सामने पुलिस कांस्टेबल पति की कथित तौर पर हत्या कर दी और फिर आत्महत्या कर ली। पुलिस उपायुक्त रवि मोहन सैनी ने बताया कि यह घटना दानीलीमडा पुलिस लाइन में दंपति को आवंटित क्वार्टर की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि ए डिविजन यातायात थाने में तैनात मुकेश परमार और उनकी पत्नी संगीता के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद था। पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘सुबह दंपति के बीच झगड़ा हुआ और उस समय उनका बेटा भी वहीं मौजूद था। संगीता ने डंडे से परमार के सिर पर प्रहार कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली और एक सुसाइड नोट मिला है जिससे पता चला कि झगड़े का कारण वैवाहिक कलह और आर्थिक मसला था।’’ उन्होंने बताया कि जांच जारी है।

गुजरात में रोजाना 25 आत्महत्याएं

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और अन्य स्रोतों के अनुसार, गुजरात में 2020-2022 के बीच हर साल औसतन 8,000-9,000 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए, जो प्रतिदिन लगभग 25 मामलों के बराबर है। 2023-2024 के 15 महीनों में 22 सामूहिक आत्महत्या के प्रयास दर्ज किए गए, जिनमें से 17 घातक थे। 2025 में भी कुछ प्रमुख सामूहिक आत्महत्या के मामले सामने आए। 20 जुलाई को अहमदाबाद की बावला तालुका में एक परिवार के पांच सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की। वहीं, अपैल में सागर परिवार के चार सदस्यों ने कर्ज के दबाव में आत्महत्या की थी।

यह भी पढ़ें-

जेल में बंद कैदियों के बच्चों का ध्यान रखेगी गुजरात सरकार, पढ़ाई-खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर देगी इनाम

नींद की गोलियां खिलाकर बेटी को मार डाला, रात में कर दिया अंतिम संस्कार, गुजरात में आया हैरान कर देने वाला मामला