गुजरात सरकार ने शुक्रवार को भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर एक योजना की घोषणा की, जिसके तहत जेल कैदियों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक (कारागार) केएलएन राव ने बताया कि 'विकासदीप' योजना के तहत, कैदियों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी उपलब्धियों के लिए नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। गुजरात के गृह विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य सरकार प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने पर 5,001 रुपये और प्रमाण पत्र, मुख्य परीक्षा में सफल होने पर 10,001 रुपये और प्रमाण पत्र तथा अंतिम चयन एवं नियुक्ति पर 15,001 रुपये और स्मृति चिन्ह प्रदान करेगी।
गुजरात सरकार की घोषणा
इसी तरह, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह योजना जेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी लागू होगी। इस अवसर पर, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और बीमार कैदियों के लिए भी कई उपायों की घोषणा की गई। विज्ञप्ति में कहा गया है, “नये प्रावधानों में ऐसे कैदियों के लिए अलग बैरक का आवंटन, दैनिक गतिविधियों में उनकी मदद के लिए देखभाल करने वाले की व्यवस्था, नियमित चिकित्सा जांच समेत कई सुविधाएं दिया जाना शामिल हैं।”
पीएम मोदी ने लाला किले से किया संबोधित
बता दें कि आज पूरे देश में आजादी का जश्न मनाया गया। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित किया और तिरंगा झंडा फहराया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी खूब तारीख की। उन्होंने लाल किले से अपने संबोधन में आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरा होने का उल्लेख किया और कहा कि इस संगठन की राष्ट्रसेवा की यात्रा पर देश गर्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है और यह प्रेरणा देता रहेगा।
(इनपुट-भाषा)