वकील ने 5 साथियों की मदद से चुराया 3 करोड़ का जीरा, 10 बार ट्रकों में भरकर ले गया
चोरी हुआ जीरा दो व्यापारियों का था, जिन्होंने भंडार गायब होने का पता चलने के बाद 4 जनवरी को उनावा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

गुजरात के मेहसाणा जिले के उंझा कस्बे में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने व्यापारियों की आंखों में धूल झोंककर 3 करोड़ रुपये के जीरा पर हाथ साफ कर दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड पाटन जिला अदालत का एक वकील है। पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दिल्ली का एक मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार है।
नकली चाबियों से की चोरी
मेहसाणा के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) दिनेशसिंह चौहान ने बताया कि यह वारदात 12 दिसंबर, 2025 से 2 जनवरी, 2026 के बीच उनावा राजमार्ग पर स्थित दो गोदामों में हुई। आरोपियों ने गोदाम के मूल तालों की डुप्लीकेट चाबियां बनवाई थीं।
जांच में सामने आया कि व्यापारी रात में ताले चेक करके चले जाते थे, जिसके बाद यह गिरोह अपनी चाबियों से गोदाम खोलता था। आरोपियों ने बाकायदा मजदूरों और ट्रकों का इंतजाम किया और करीब 10 चक्कर लगाकर 3 करोड़ रुपये मूल्य का जीरा गायब कर दिया।
सस्ते दाम पर बेच रहे थे जीरा
चोरी का पता तब चला जब व्यापारियों ने 4 जनवरी को भंडार कम होने की शिकायत उनावा पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा को सूचना मिली कि उंझा में कुछ लोग बाजार भाव से काफी कम दामों पर जीरा बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और एक ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। ट्रक चालक से मिले सुराग के आधार पर पुलिस जुम्मा खान नामक आरोपी तक पहुंची, जिससे पूरे गिरोह का कच्चा चिट्ठा खुल गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- इकराम मेमन: मुख्य आरोपी, जो पाटन जिला अदालत में वकालत करता है।
- वजाहत खान: चोरी के माल को बाजार में खपाने का जिम्मा।
- जुम्मा खान: ट्रक और मजदूरों की व्यवस्था करने वाला।
- सादिक मेमन: आपराधिक इतिहास वाला सहयोगी।
- गौरव पटेल: पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने वाला।
वहीं, दिल्ली निवासी इमरान जमील फिलहाल फरार है। बताया जा रहा है कि जमील चाबियां बनाने का एक्सपर्ट है और उसी ने पूरी योजना तैयार की थी।
खुद को किसान बताकर बेचा माल
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने खुद को किसान बताया और चोरी किए गए जीरे का एक हिस्सा दीसा और उंझा के बाजारों में बेच दिया। पुलिस ने अब तक गिरफ्तार आरोपियों के पास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं और बिना बिका 121 बोरी जीरा भी जब्त कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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