Monday, February 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. "मौजूदा CM का इस तरह अदालत में आना ठीक नहीं", सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की पेशी पर विवाद, नई अर्जी दाखिल

"मौजूदा CM का इस तरह अदालत में आना ठीक नहीं", सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की पेशी पर विवाद, नई अर्जी दाखिल

अर्जी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार पहले से ही अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रख रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत पेशी की कोई जरूरत नहीं थी।

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Malaika Imam Published : Feb 08, 2026 10:37 pm IST, Updated : Feb 08, 2026 10:50 pm IST
ममता बनर्जी- India TV Hindi
Image Source : PTI ममता बनर्जी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यक्तिगत रूप से पेश होकर दलीलें देने को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की गई है, जिसमें कहा गया है कि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री का इस तरह अदालत में आना ठीक नहीं है।

यह अर्जी अखिल भारत हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से दाखिल की गई है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी का अदालत में खुद आना कोर्ट पर एक तरह का "प्रतीकात्मक दबाव" बना सकता है।

पिछले हफ्ते ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में खुद पेश हुई थीं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर दायर अपनी याचिका पर बात रखी थी। यह मामला वोटर लिस्ट से जुड़े विशेष पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा है।

"यह निजी नहीं, राज्य से जुड़ा मुद्दा"

अर्जी में कहा गया है कि यह कोई निजी मामला नहीं है, बल्कि राज्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है, इसलिए मुख्यमंत्री को निजी तौर पर नहीं, बल्कि राज्य की ओर से वकीलों के जरिए ही बात रखनी चाहिए थी। अर्जी में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार पहले से ही अपने वकीलों के जरिए कोर्ट में मौजूद है, ऐसे में मुख्यमंत्री की निजी पेशी की जरूरत नहीं थी।

इस अर्जी में कहा गया है कि बड़े संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को अदालत में खुद आने से बचना चाहिए, ताकि कोर्ट की गरिमा बनी रहे और मामलों को व्यक्तिगत रूप न दिया जाए। अर्जी में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या ममता बनर्जी को इस मामले में संविधान के अनुच्छेद- 32 के तहत याचिका दायर करने का हक था, क्योंकि इसमें उनके किसी मौलिक अधिकार के उल्लंघन की बात नहीं कही गई है। इस मामले की सुनवाई कल CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच करेगी।

बंगाल को टारगेट कर रहे: सीएम ममता

इसके अलावा, पश्चिम बंगाल SIR मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट कल यानी 09 फरवरी को सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई के दौरान खुद ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने अपना केस लड़ने और बहस करने की इजाजत मांगी थी। CJI ने ममता से कहा कि वे अपने वकील को मामले पर बहस करने दें। ममता का कहना है कि वे माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करके सिर्फ बंगाल को निशाना बना रहे हैं। ममता ने कहा कि डेमोक्रेसी बचाइए। ममता ने आगे कहा कि पहले फेज में 58 लाख नाम हटाए गए और उनके पास फॉर्म- 6 के जरिए अपील करने का कोई स्कोप नहीं है और दूसरे फेज में 1.30 करोड़ नाम हटाए गए, दूसरे राज्यों में वे क्या सिस्टम बनाए हुए हैं, वे सिर्फ पश्चिम बंगाल को टारगेट कर रहे हैं और सिर्फ बंगाल के लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों पर बुलडोजर चलाने के लिए ये माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं।

ये भी पढ़ें-

1 करोड़ के लोन सेटलमेंट विवाद में रिकवरी एजेंट की हत्या, सोसाइटी के फ्लैट से मिली लाश

NSA अजीत डोवल ने कनाडा में की हाई लेवल मीटिंग, सरकार ने हिंसक चरमपंथी को समर्थन नहीं देने की बात दोहराई

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement