दिल्ली के जंतर-मंतर तक भरत तिवारी को इंसाफ दिलाई की लड़ाई पहुंच गई है। भरत के भाई चंदन तिवारी का जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना करने वाले हैं। करणी सेना और परशुराम सेना भी इस धरने में शामिल हैं। भरत तिवारी का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को जेल भेजने की मांग को लेकर ये धरना प्रदर्शन रखा गया है। भरत तिवारी के गांव वाले और परिवार वालों ने फेक एनकाउंटर का आरोप लगाया है।
धरने में शामिल लोगों ने सरकार से की 5 मांगें
- भरत तिवारी के एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
- आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
- नौकरी: परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- सुरक्षा: भरत तिवारी के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- सामाजिक कार्य: भरत तिवारी जिन परिवारों और सामाजिक कार्यों के लिए काम कर रहे थे, उन्हें सरकार पूरा कराए।
भरत तिवारी के भाई ने बताया दिल्ली में प्रदर्शन क्यों?
भरत तिवारी के भाई ने इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो अब दिल्ली को अपनी बात सुनाएंगे। जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाएगी, अनशन करते रहेंगे।
आरा में पिछले महीने हुआ था भरत तिवारी का एनकाउंटर
बता दें कि 17 जून, 2026 को बिहार के आरा में हुए एनकाउंटर की चर्चा पूरे देश में है, जब भरत तिवारी को पुलिस ने गोली मार दी थी। पहले तो पुलिस ने कहा था कि भरत तिवारी ने पुलिसवालों पर फायरिंग की थी लेकिन बाद में भरत तिवारी के फेसबुक लाइव का वीडियो सामने आया था, जिसमें वो अपनी पिस्टल पुलिसवालों के सामने फेंकता नजर आ रहा था।
पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बढ़ा विवाद
इसी वीडियो के सामने आने के बाद से बवाल मचा है। बिहार में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जातिवादी संगठन भरत तिवारी के समर्थन में आ खड़े हुए हैं। हालांकि, इस मामले में न्यायिक जांच चल रही है। केस भी दर्ज हुआ है लेकिन किसी भी पुलिसवाले की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसे लेकर लोगों में गुस्सा है। जान लें कि भरत तिवारी को गोली लगने के बाद सबसे पहले जिस डॉक्टर सर्जन डॉक्टर एच एम अंसारी के पास ले जाया गया था, उन्होंने बताया था कि भरत तिवारी को 4 से 5 गोलियों लगी थीं।
ये भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर केस में हो गई बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ FIR दर्ज