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जुलाई में कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा? जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व

 Published : Jul 12, 2026 11:43 am IST,  Updated : Jul 12, 2026 11:46 am IST

प्रत्येक महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन पड़ने वाली तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। इसी क्रम में, आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। जानिए इस साल ये पूर्णिमा कब पड़ रही है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

guru purnima 2026- India TV Hindi
गुरु पूर्णिमा 2026 Image Source : INDIA TV

वैसे तो पूर्णिमा तिथि हर महीने में आती है, लेकिन गुरु पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व माना जाता है। ये पूर्णिमा गुरुओं को समर्पित है। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साथ ही उनकी विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इसी पूर्णिमा पर हिन्दु महाकाव्य महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था, इसी कारण से इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस साल की गुरु पूर्णिमा बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इस दिन प्रीति योग और हर्षण योग का निर्माण हो रहा है। चलिए जानते हैं 2026 में गुरु पूर्णिमा की तारीख और महत्व।

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?

इस साल गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 28 जुलाई 2026 की शाम 06:18 बजे होगा और इसका समापन 29 जुलाई 2026 की रात 08:05 पर होगा।

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व 

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः। 

इस श्लोक का अर्थ है 'गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु ही शंकर हैं, गुरु ही साक्षात परब्रह्म हैं, उन सद्गुरु को प्रणाम।' यह श्लोक हमें स्पष्ट रूप से बताता है कि हमारे जीवन में गुरुओं का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है। हिंदू धर्म में गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है और आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा भी गुरुओं को समर्पित की गई है। बता दें गुरु पूर्णिमा के पर्व को भारत में बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। जिन्हें प्रथम गुरु के रूप में माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा पर स्नान का महत्व

कहते हैं गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आपके लिए इस दिन नदी स्नान करना संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें। फिर इस जल से स्नान करें, इससे भी आपको पुण्य की प्राप्ति होगी। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन पवित्र जल में स्नान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी परेशानियों का अंत हो जाता है।

खास बात ये है कि गुरु पूर्णिमा के दिन यानी 29 जुलाई को शुक्र अपना नक्षत्र भी बदलेंगे। ज्योतिष अनुसार इस गोचर से 3 राशियों को राजयोग जैसा सुख प्राप्त होगा। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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