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महाराष्ट्र FDA ने कैडिला फार्मा की कुछ दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई, 2.45 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jul 12, 2026 09:53 am IST,  Updated : Jul 12, 2026 09:53 am IST

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कैडिला फार्मा को निर्देश दिया है कि वो इन सभी दवाओं के उपलब्ध स्टॉक को तत्काल बाजार से वापस मंगाए।

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फैमोटिडीन आधारित एसीलॉक 150 प्लस Image Source : 1MG

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दवाओं के ब्रांड में समानता की वजह से कैडिला फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की कुछ दवाओं की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन राज्यभर में करीब 2.45 करोड़ रुपये का स्टॉक भी जब्त किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि ये कार्रवाई 'एसीलॉक 150', 'एसीलॉक 150 प्लस', 'एसीलॉक 300' और 'एसीलॉक 300 प्लस' नाम की दवाओं से जुड़ी है, जिनमें सक्रिय औषधीय घटकों (API) रैनिटिडीन और फैमोटिडीन का इस्तेमाल किया गया है। 

सभी दवाओं के उपलब्ध स्टॉक को तत्काल बाजार से वापस मंगवाने के निर्देश

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कैडिला फार्मा को निर्देश दिया है कि वो इन सभी दवाओं के उपलब्ध स्टॉक को तत्काल बाजार से वापस मंगाए। इसके साथ ही 'एसीलॉक 150 प्लस' और 'एसीलॉक 300 प्लस' की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने एक बयान में कहा, "दवा के ब्रांड नाम में किसी भी तरह की समानता, जिससे डॉक्टर, फार्मासिस्ट या मरीज को गलत दवा मिलने की आशंका हो, जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।" बताते चलें कि ऐसी स्थिति में मरीज को गलत दवा मिल सकती है, जिसकी वजह से उसका स्वास्थ्य बेहतर होने के बजाय और भी ज्यादा बिगड़ सकता है।

रैनिटिडीन आधारित 'एसीलॉक 150' और 'एसीलॉक 300' बनाने के लिए मिली थी मंजूरी

तुकाराम मुंढे के मुताबिक, कंपनी को पहले रैनिटिडीन आधारित 'एसीलॉक 150' और 'एसीलॉक 300' बनाने के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन बाद में उसने 'एसीलॉक 150 प्लस' और 'एसीलॉक 300 प्लस' नाम से फैमोटिडीन आधारित दवाएं लगभग समान ब्रांडिंग के साथ बाजार में उतार दीं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। 

पुणे, नागपुर और ठाणे के गोदामों से जब्त की गई 2,45,37,490 रुपये की दवाएं

पीटीआई के मुताबिक, एफडीए द्वारा किए गए इंस्पेक्शन के दौरान 9 और 10 जुलाई को पुणे, नागपुर और ठाणे जिले के भिवंडी स्थित कंपनी के गोदामों से कुल 2,45,37,490 रुपये की दवाएं जब्त की गईं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि बदली हुई संरचना वाली दवाओं को लगभग एक जैसे नाम के साथ बाजार में उतारना दिशानिर्देशों के खिलाफ है। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और निष्कर्ष के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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