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Hindi News हेल्थ क्या दोनों किडनी खराब होने के बाद भी व्यक्ति जीवित रह सकता है? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

क्या दोनों किडनी खराब होने के बाद भी व्यक्ति जीवित रह सकता है? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

शरीर सही और सुचारु रूप से तभी काम करता है जब किडनी सही रहती है। लेकिन जब दोनों किडनी खराब हो जाए तब व्यक्ति कितने दिन तक जीवित रह सकता है। चलिए जानते हैं।

किडनी- India TV Hindi Image Source : FREEPIK किडनी

किडनी हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जो खून को साफ करके पेशाब बनाती है और रक्तचाप तथा अन्य हार्मोनल कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करती है। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि किडनी फेलियर, एक गंभीर स्थिति है। बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थित कंसल्टेंट और नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉ.भानु मिश्रा के अनुसार जब दोनों किडनी पूरी तरह से काम करना बंद कर देती है, तो हाथ और पैर में सूजन आने लगता और हर समय थका हुआ और कमज़ोर महसूस करते हैं। ऐसे में डॉ. हमें बता रहे हैं कि जब दोनों किडनी खराब हो जाती है तब व्यक्ति कितने दिन तक जीवित रह सकता है और हेल्दी किडनी के लिए आपको क्या करना चाहिए?

दोनों किडनी खराब होने पर क्या होता है?

जब किसी व्यक्ति की दोनों किडनी पूरी तरह से खराब हो जाती हैं, तो उसका शरीर विषैले पदार्थों और अतिरिक्त तरल को बाहर नहीं निकाल पाता। इससे शरीर में ज़हर फैलने लगता है, जिसे यूरिमिया कहा जाता है। बिना किसी इलाज के, व्यक्ति कुछ ही दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक जीवित रह सकता है। हालाँकि, यह समय व्यक्ति की उम्र, उसकी बाकी शारीरिक स्थिति और किडनी फेल होने की गति पर निर्भर करता है।

डायलिसिस या ट्रांसप्लांट का विकल्प है बेहतर

अगर, समय पर डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट न कराया जाए, तो शरीर में टॉक्सिन बढ़ने लगते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, सांस लेने में तकलीफ, कोमा और मौत हो सकती है। डायलिसिस शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे मरीज सालों तक जीवित रह सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति की दोनों किडनी खराब हो जाएं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर डायलिसिस या ट्रांसप्लांट का विकल्प अपनाना चाहिए। सही समय पर इलाज होने से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

किडनी हेल्दी और स्वस्थ रहे इसलिए अपनी डाइट बेहतर करनी चाहिए। अपने आप को हाइड्रेटेड रखें, नमक का सेवन कम करें। साथ ही ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करें। रोज़ाना एक्सरसाइज़ करें और अपनी फिटनेस पर ध्यान दें। दर्द निवारक दवाओं के अत्यधिक उपयोग और धूम्रपान से बचना चाहिए

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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