Tobacco in gutka: भारत में बहुत से लोग गुटखा खाते हैं। उनका मानना है कि ये एक प्रकार का माउथ फ्रेशनर है और इनमें तंबाकू नहीं हो। ऐसे गुटखा खाने वाले अक्सर इस बात की दलील देते हैं कि हम तंबाकू नहीं खाते। लेकिन, ये लोग असल में जानते नहीं हैं कि कुछ गुटखे में तंबाकू की भी अच्छी मात्रा होती है। पर ये मात्रा कितनी होती है और ये नुकसानदेह कितना है, आइए World No Tobacco Day 2023 पर जानते हैं इस बारे में।
क्या गुटखे में तंबाकू होता है-How much tobacco is in gutka?
गुटखा बनना के लिए तंबाकू, सुपारी, चूना, केसर, मसाले, कत्था, और इलायची का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, उनमें से किसी ने भी उनमें निकोटिन की मौजूदगी या मात्रा का जिक्र नहीं किया जाता। लेकिन, इनमें तंबाकू की अच्छी मात्रा होती है। दरअसल, NIH की एक रिपोर्ट की मानें तो, गुटखा और पान मसाला के दस अलग-अलग ब्रांडों की औसत मात्रा में 6.26 ± 2.65 और 3.25 ± 0.7 mg/g तंबाकू थी। इसके अलावा प्रति ग्राम तंबाकू में निकोटिन की मात्रा में 2.4 से 4.3 मिलीग्राम तक भी मिली।
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इतना ही नहीं मौखिक रूप से उपयोग की जाने वाली इस स्मोक फ्री तंबाकू की किस्म में प्रति ग्राम तंबाकू (3.3-10.3 मिलीग्राम) में निकोटीन की मात्रा में व्यापक भिन्नता देखी गई। एक को छोड़कर सभी पैक में सामग्री तंबाकू, चूना, मेन्थॉल, तेल और मसाले की उपस्थिति थी। सभी ब्रांडों पर स्वास्थ्य-जोखिम की सचित्र चेतावनी दी गई लेकिन, खाने वालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता पर इसके नुकसान इतने ही है।
डॉक्टर ने बताया गुटखा खाने के नुकसान-Tobacco gutka side effects
गुटखा खाने के कई नुकसान और ये न समझें कि ये सिर्फ आपके दांत और मुंह को नुकसान पहुंचाते हैं। Fortis Escorts Pulmonologist Dr. Avi Kumar का कहना है कि गुटके में निकोटीन और कई हानिकारक, कैंसर पैदा करने वाले रसायन होते हैं। इसका उपयोग करने से निकोटीन की लत लग सकती है और होंठ, मुंह, जीभ, गले और अन्नप्रणाली के कैंसर भी हो सकते हैं।
इसके अलावा गुटखे की वजह से आप हाई बीपी और दिल की बीमारियों के भी शिकार हो सकते हैं। इसलिए, आपको किसी भी प्रकार के पान-मसाला, गुटखा खाने से बचना चाहिए। अगर आपको कुछ खाना भी है तो आप सीधे सौंफ और इलायची का सेवन कर सकते हैं।
Source: www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc
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