इन दिनों दिल्ली और एनसीआर का AQI लगभग 400 से ऊपर जा चुका है। जहरीली हवा का सबसे ज़्यादा बुरा असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है और हमारे लंग्स कमजोर हो जाते हैं। लेकिन अब बात सिर्फ फेफड़ों या हमारे इम्यून सिस्टम तक ही नहीं है। हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि बढ़ते प्रदूषण से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है। दरअसल, AQI ज़्यादा होने से लोग की फिजिकल एक्टिविटी भी में भारी कमी आई है जिससे मोटापा बढ़ रहा है, जो डायबिटीज होने की एक और सबसे बड़ी वजह है। एशियन हॉस्पिटल के वरिष्ठ सलाहकारडॉ। संदीप खर्ब इस बारे में हमे बता रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है और ऐसे क्रिटिकल समय में हमे अपना बचाव कैसे करना चाहिए।
हाल ही में दिल्ली और चेन्नई में एक सर्वे किया गया। इस स्टडी में पाया गया कि वायु प्रदूषण टाइप-2 डायबिटीज की वजह बन रहा है। प्रदूषण पर हुई यह स्टडी, क्रॉनिक डिजीज इन इंडिया का एक हिस्सा है। इस स्टडी में पाया गया कि वायु प्रदूषण डायबिटीज की वजह बन सकता है। दरअसल, वायु प्रदूषण का मुख्य कारण PM 2.5 पार्टिकल्स होते हैं, जो इतने छोटे होते हैं कि यह आपकी सांस के द्वारा आपके फेफड़ों में प्रवेश कर, आपके खून में भी जा सकते हैं। वायु प्रदूषण की वजह से बॉडी में इंफ्लामेशन बढ़ रहा है और ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचा रहा है। जिस वजह से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाली इंसुलिन पर नकरात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इसकी पावर कमजोर जो रही है।
इन तरीकों से करें अपना बचाव
- जब जरूरत हो तभी बाहर जाएं और मास्क लगाकर जाएं। इससे PM 2.5 आपके शरीर में कम जाते हैं और प्रदूषण से होने वाला नुकसान भी कम होता है।
- अपने घर में फिल्टर वाले एयर प्यूरिफायर ज़रूर लगवाएं। यह आपके घर की हवा में मौजूद डस्ट और गंदगी को अच्छी तरह क्लीन करता है।
- मोटापे से डायबिटीज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। रोज़ 20 मिनट तक व्यायाम करें। एक्सरसाइज आपके बॉडी के फैट्स को कम कर आपके फेफड़ों को भी मजबूत बनाता है।
- वाहन प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए हाइब्रिड वाहनों या ईवीएस को प्रायोरिटी दें। ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-सी डायबिटीज के खतरे को कम करता है। इसलिए इन चीज़ों से भरपूर खाना खाएं।
लाइफस्टाइल में करें बदलाव
हाई AQI वाले क्षेत्रों में डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए आहार और जीवनशैली में बदलाव लान ज़रूरी है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फलों और सब्जियों का सेवन करें। अगर बाहर नहीं जा रहे हैं तो घर में ही लगातार एक्सरसाइज़ करें।नींद पूरी लें वजन को कंट्रोल करना भी ज़रूरी है। साथ ही अगर आप धूम्रपान या शाराब का सेवन करते हैं तो उसे बंद कर दें।
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