राम की विजय, रावण का अंत यानी अधर्म पर धर्म की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत और निराशा पर उम्मीद की जीत, आज के पर्व का यही संदेश है। आज के दिन ये संकल्प लेना न भूलें कि हमें अपने भीतर के हर 'रावण' को जलाना है, फिर चाहे वो गुस्सा हो, लोभ हो, अहंकार हो या शरीर को कमजोर करने वाली कोई बीमारी। जब हम सेहतमंद होंगे, हमारा शरीर ताकतवर होगा क्योंकि सच्ची जीत वही है, जब हम खुद पर कंट्रोल रख सकें। लेकिन ताजा रिपोर्ट चिंताजनक है।
क्या कहती है स्टडी?
हाल ही में हुई एक बड़ी स्टडी के मुताबिक देश के 71% लोगों की मांसपेशियां कमजोर हैं। ये परेशानी सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि युवाओं और कामकाजी महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। लखनऊ जैसे शहरों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां 80% से ज्यादा महिलाएं और पुरुष कमजोर मांसपेशियों के शिकार पाए गए हैं। इसकी वजह भी साफ है, गलत खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और सेडेंटरी लाइफस्टाइल। सेहत का और खासकर मांसपेशियों का ख्याल विजयदशमी के बाद से रखने की जरूरत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि धीरे-धीरे अब गर्मी खत्म हो रही है और सर्दी की शुरुआत होने लगेगी। ठंड का मौसम आते ही मांसपेशियां सख्त होने लगती हैं और खून का बहाव धीमा पड़ने लगाता है।
जरूरी है मांसपेशियों की देखभाल करना
सर्दी में मसल्स की दिक्कत 20-30% तक बढ़ जाती है। अचानक मौसम बदलने से मांसपेशियां ढल नहीं पातीं और जब हम एक्सरसाइज छोड़ देते हैं, तो हालात और बिगड़ जाते हैं। जिस तरह से रावण पर विजय पाने के लिए धनुष-बाण की जरूरत थी, उसी तरह से बीमारियों पर विजय पाने के लिए योग-प्राणायाम, सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना पड़ेगा। अगर आप इस तरह की टिप्स को फॉलो नहीं करते हैं, तो न केवल मांसपेशियां और शरीर कमजोर होने लगेगा बल्कि हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, पार्किंसंस, न्यूरो प्रॉब्लम जैसे हेल्थ इशू का खतरा भी बढ़ जाएगा।
शरीर को ताकतवर बनाने वाले उपाय
मांसपेशियों को फौलादी बनाने के लिए, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर और कार्डियो सिस्टम को अच्छा करने के लिए लाइफस्टाइल को सुधारना बेहद जरूरी है। शरीर में खून की कमी, नसों पर दबाव, कमजोर मसल्स, जेनेटिक डिसऑर्डर, ऑटो इम्यून डिजीज और संक्रमण जैसे फैक्टर्स कमजोर मसल्स के लिए जिम्मेदार साबित हो सकते हैं। मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने के लिए पैदल चलें, रोज दूध पिएं, ताजा फल खाएं, हरी सब्जियां खाएं, ज्यादा देर न बैठें, मोटापा घटाएं, वर्कआउट करें और जंक फूड से परहेज करें। मस्कुलर हेल्थ पर नेचर मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक योग-एक्सरसाइज से मसल्स की एज रिवर्स हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
Latest Health News