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सोयाबीन या चिकन, कौन है प्रोटीन का सरताज, किसका सेवन ज्यादा फायदेमंद?

सोयाबीन और चिकन की तुलना अक्सर शाकाहार और मांसाहार की बहस में होती रहती है। सच तो यह है कि दोनों ही अपनी-अपनी जगह "प्रोटीन के पावरहाउस" हैं, लेकिन इनके फायदे और शरीर पर इनके असर अलग-अलग होते हैं।

सोयाबीन या चिकन, कौन है प्रोटीन का सरताज- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK सोयाबीन या चिकन, कौन है प्रोटीन का सरताज

शरीर को सुचारु ढंग से काम करने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। मांसाहारी लोग चिकन और अंडा को प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स मानते हैं। वहीं शाकाहारी लोग सोयाबीन और पनीर को प्रोटीन का पावरहाउस बताते हैं। प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए लोग अलग अलग चीजों का भी सेवन करते हैं। लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में हमेशा रहता है वो है कि सोयाबीन या चिकन, प्रोटीन का पावरहाउस कौन है। वेजिटेरियन लोग सोयाबीन को प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स मानते हैं जबकि नॉन वेजिटेरियन चिकन को। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि किसमें ज्यादा प्रोटीन होता है। 

सोयाबीन के फायदे

सोयाबीन को "प्रोटीन का पावरहाउस" माना जाता है। शाकाहारी भोजन में यह मांस के बराबर पोषण देने वाला सबसे सस्ता और बेहतीन सोर्स है। 

1. प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत
सोयाबीन एक "कंप्लीट प्रोटीन" है। इसका मतलब है कि इसमें वे सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के विकास और मरम्मत के लिए जरूरी हैं और जिन्हें हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता।

2. दिल की सेहत 
सोयाबीन में सैचुरेटेड फैट बहुत कम होता है। यह शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की धमनियों को स्वस्थ रखता है।

3. हड्डियों की मजबूती
सोयाबीन में कैल्शियम, मैग्नीशियम और तांबा जैसे खनिज होते हैं। इसमें मौजूद आइसोफ्लेवोन्स हड्डियों के घनत्व को बढ़ाते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है।

4. वजन नियंत्रण और पाचन
इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है। हाई प्रोटीन होने के कारण यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

चिकन के फायदे

1. मांसपेशियों का निर्माण 
चिकन लीन प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। इसमें अमीनो एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं जो मांसपेशियों की मरम्मत और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करते हैं। जिम जाने वालों और खिलाड़ियों के लिए यह सबसे पसंदीदा आहार है।

2. वजन घटाने में सहायक
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो चिकन ब्रेस्ट आपके लिए अच्छा विकल्प है। इसमें फैट कम होता है। प्रोटीन होने के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप 'ओवरईटिंग' से बचते हैं।

3. हड्डियों की मजबूती
चिकन में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज होते हैं। यह हड्डियों को स्वस्थ रखने और जोड़ों के दर्द के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

4. तनाव कम करने में मददगार
चिकन में ट्रिप्टोफैन और विटामिन B5 जैसे तत्व पाए जाते हैं। ट्रिप्टोफैन शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे तनाव कम होता है और मूड बेहतर रहता है।

5. हृदय स्वास्थ्य 
चिकन में विटामिन B6 होता है, जो 'होमोसिस्टीन' (Homocysteine) के स्तर को कम करने में मदद करता है। होमोसिस्टीन का बढ़ा हुआ स्तर दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ा सकता है।

कौन है "सरताज"?
अगर हम सिर्फ प्रोटीन की मात्रा की बात करें, तो सोयाबीन में ज्यादा प्रोटीन होता है। लेकिन अगर हम प्रोटीन की गुणवत्ता और अवशोषण की बात करें, तो चिकन थोड़ा आगे है।

किसे क्या चुनना चाहिए?

वजन घटाने और मसल बिल्डिंग के लिए
चिकन बेहतर है क्योंकि इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन का अवशोषण तेज होता है।

हृदय स्वास्थ्य और बजट के लिए
सोयाबीन एक शानदार विकल्प है क्योंकि यह सस्ता है और इसमें सैचुरेटेड फैट नहीं होता।

इस बात का रखें ध्यान
सोयाबीन को हमेशा भिगोकर या पकाकर खाएं ताकि इसके 'एंटी-पोषक तत्व' खत्म हो जाएं। चिकन को फ्राई करने के बजाय ग्रिल या उबालकर खाना ज्यादा फायदेमंद है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है

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