A
Hindi News हेल्थ बच्चेदानी में सूजन के पीछे हो सकते हैं ये 3 कारण, एक को भी न करें नजरअंदाज

बच्चेदानी में सूजन के पीछे हो सकते हैं ये 3 कारण, एक को भी न करें नजरअंदाज

बच्चेदानी में सूजन को नजरअंदाज करना बीमारी को एक बड़ा रूप दे सकता है। ऐसे में जरूरी है आप इनके तमाम कारणों के बारे में जानें और सही समय पर अपने डॉक्टर को दिखाएं।

causes of uterus swelling- India TV Hindi Image Source : SOCIAL causes of uterus swelling

कई बार महिलाएं बच्चेदानी में सूजन की समस्या से गुजरती हैं। लेकिन, सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है कि इसकी शुरुआत जिन लक्षणों के साथ होती है वो उन्हें इतने आम लगते हैं कि बीमारी की पहचान में लंबा समय बीत जाता है। जैसे कि पेल्विक हिस्से में सूजन और दर्द, पेशाब से जुड़ी समस्या, प्रजनन से जुड़ी समस्या और पेट के निचले में हिस्से में भारीपन। ये सभी बच्चेदानी से जुड़ी समस्या के संकेत हो सकते हैं। इसलिए इस सबको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लेकिन, आज हम बात लक्षणों की नहीं कारमों की करेंगे। तो, जानते हैं ये समस्या क्यों और कैसे होती है।

बच्चेदानी में सूजन क्यों होता है-What causes swelling in uterus in hindi

1. गर्भाशय में फाइब्रॉएड-Uterine fibroids

गर्भाशय फाइब्रॉएड गर्भाशय की मांसपेशियों की दीवार के सामान्य गैर-कैंसरयुक्त ट्यूमर हैं, जो 50 वर्ष की आयु तक 10 में से 8 महिलाओं को प्रभावित करते हैं। ये अक्सर 30 से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रभावित करते हैं, और गोरे लोगों की तुलना में काले लोगों में अधिक आम हैं। अगर आपका वजन अधिक है या आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आपको फाइब्रॉएड का खतरा अधिक है। इसकी वजह से बच्चेदानी में सूजन हो सकती है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

बच्चों के लिए आई दुनिया की दूसरी Malaria Vaccine, WHO चीफ ने खुद साझा की सारी जानकारी

2. एडेनोमायोसिस-Adenomyosis 

एडेनोमायोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें टिशूज सामान्य रूप से गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) की लाइनिंग पर बढ़ने लगते हैं। गर्भाशय की मांसपेशियां मोटी हो जाती है। इससे गर्भाशय का व्यापक रूप से मोटा होना शुरू हो जाता है। जब यह केवल एक छोटे से क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो इसे एडेनोमायोमा कहा जाता है। यह उन लोगों में अधिक आम है जिनकी गर्भाशय की सर्जरी हुई हो, जिसमें सिजेरियन सेक्शन भी शामिल है। इसके अलावा जन्म नियंत्रण की गोलियां या आईयूडी लगवाना इसका कारण बन सकता है। ऐसे में सही समय पर इलाज न करवाने पर  महिलाओं को हिस्टेरेक्टॉमी की जरूरत पड़ सकती है।

Image Source : socialUterine fibroids

इस घास के तेल में है दर्द को खींच लेने की क्षमता, जानें इसका उपयोग कब और कैसे करें

3. प्रजनन अंगों से जुड़ा कैंसर

गर्भाशय (uterus), एंडोमेट्रियम (endometrium) और गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के कैंसर सभी ट्यूमर पैदा कर सकते हैं। ट्यूमर के आकार के आधार पर, आपका गर्भाशय सूज सकता है। ऐसे में पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।  पेशाब करते समय दर्द होना और ये प्लविक हिस्से में रहना इसका संकेत हो सकता है। इसलिए इन कारणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर को दिखाएं।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

Latest Health News