केराटोकोनस कौन सी बीमारी है? डॉक्टर से जानें आंख से जुड़ी इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय?
केराटोकोनस आँख से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंखों की रौशनी जा सकती है। डॉक्टर बता रहे हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय?

केराटोकोनस आंखों से जुड़ी एक बीमारी है जो धीरे धीरे बढ़ती है। जिसमें कॉर्निया आंख की पारदर्शी बाहरी परत पतली होकर अपने सामान्य गोल आकार से विकृत होकर शंकु के रूप में बदल जाती है। ग्वालियर में स्थित रतन ज्योति नेत्रालय में आई एक्सपर्ट डॉ। पुरेन्द्र भसीन के अनुसार, इस बदलाव से कॉर्निया प्रकाश को ठीक से केंद्रित नहीं कर पाता, जिससे धुंधली और विकृत दृष्टि होती है, जो समय के साथ और खराब हो सकती है। यह स्थिति आमतौर पर दोनों आँखों को प्रभावित करती है, अक्सर युवावस्था में शुरू होती है और धीरे-धीरे बढ़ती है।
केराटोकोनस के लक्षण
केराटोकोनस होने अपर शुरुआत में सामान्य लक्षण दिखते हैं। जैसे बार-बार चश्मे का नंबर बदलना, धुंधला दिखना, और रात में देखने में कठिनाई महसूस करना। ये सब लक्षण असल में कॉर्निया के कमजोर होने की शुरुआत होती है। केराटोकोनस के कारणों में जेनेटिक फैक्टर, एलर्जी के कारण आंख रगड़ना, और कॉर्नियल संरचना की कमजोरी भी शामिल हैं। एलर्जी की आँखों की बीमारी से केराटोकोनस स्थिति का संदेह किया जाना चाहिए, खासकर अगर लंबे समय से दृष्टि में कमी आ रही है।
आंखो के बचाव के लिए क्या करें?
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राइबोफ्लेविन (C3R/CXL) के साथ कॉर्नियल कोलेजन क्रॉस लिंकेज एक ऐसा उपचार है जो कॉर्निया की मज़बूती बढ़ाकर केराटोकोनस की प्रगति को धीमा करता है। यह कॉर्निया के आकार में सुधार करके दृष्टि की गुणवत्ता में भी सुधार करता है।
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कुछ मामलों में, बेहतर दृष्टि के लिए इसे लेज़र ट्रीटमेंट किया जाता है। यह प्रक्रिया कॉर्निया को फिर से आकार देने के लिए एक लेज़र का उपयोग करती है, जिससे प्रकाश रेटिना पर सही ढंग से केंद्रित हो सके।
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जब कॉर्निया बहुत पतला हो जाता है (जैसे कि केराटोकोनस के गंभीर मामलों में), तो दृष्टि में सुधार के लिए कॉर्निया प्रत्यारोपण (जैसे DALK या PKP) आवश्यक हो सकता है। यह प्रक्रिया क्षतिग्रस्त कॉर्निया को स्वस्थ दाता कॉर्निया से बदल देती है।
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C3R कॉर्नियल कोलेजन क्रॉस-लिंकिंग राइबोफ्लेविन और यूवी प्रकाश का उपयोग करके कॉर्निया को मजबूत करने वाली एक प्रक्रिया है, जो केराटोकोनस जैसे रोगों में कॉर्निया को और अधिक कमजोर होने से रोकती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।