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सांसों पर मंडरा रहा स्मॉग का खतरा, जहरीली हवा से खुद को कैसे बचाएं, स्वामी रामदेव ने बताए रामबाण उपाय

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Vanshika Saxena
 Published : Nov 05, 2025 09:16 am IST,  Updated : Nov 05, 2025 09:16 am IST

How To Protect Health From Toxic Air: स्मॉग सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। आइए स्वामी रामदेव से जानते हैं कि आप स्मॉग के साइड इफेक्ट्स से कैसे बच सकते हैं...

जहरीली हवा- India TV Hindi
जहरीली हवा Image Source : UNSPLASH

एयर प्यूरिफायर लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन गई है क्योंकि दिल्ली से लेकर लखनऊ, पटना, नोएडा तक हर शहर की हवा अब जहरीली हो चुकी है। दिल्ली का AQI सीवियर कंडीशन में है। कई जगहों पर AQI 400 के भी पार है यानी अगर आप सुबह की सैर कर रहे हैं, तो आपको सिगरेट पीने जैसा नुकसान हो रहा है। भारत लगातार 5 साल में चार बार दुनिया के टॉप 5 पॉल्यूटेड कंट्री में रजिस्टर हो चुका है। डब्लूएचओ स्टैंडर्ड के हिसाब से यहां की हवा 10 गुना जहरीली है और हर साल करीब 20 लाख भारतीय वायु प्रदूषण से बेवक्त जान गंवा रहे हैं। रोज सुबह-शाम दिखने वाला स्मॉग अब साइलेंट किलर बन गया है जो सांसों से सीधा नसों, दिल, फेफड़ों और दिमाग तक पहुंच रहा है।

सेहत के लिए घातक

स्मॉग का असर सिर्फ फेफड़ों तक नहीं रुकता, ब्रेन पर इसके एक्सपोजर से याददाश्त कमजोर होती है, एंग्जायटी और अल्जाइमर का रिस्क बढ़ता है। स्मॉग से ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में भी अस्थमा और एलर्जी के केस 40% तक बढ़ गए हैं। प्रदूषण शरीर के अंदर सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और ब्लड में थक्के बनने जैसी परेशानियों को बढ़ा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक PM 2.5 के लगातार कॉन्टैक्ट में रहना, धीरे-धीरे जहर पीने के बराबर है। 15% जान सिर्फ एयर पॉल्यूशन से जाती है। अगर खतरा है, तो उपाय भी है। घर में हवा को साफ रखने के लिए कुछ स्टेप्स को फॉलो किया जा सकता है। इनडोर पौधे लगाएं, वेंटिलेशन खुला रखें, मुमकिन हो तो एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।

कैसे करें बचाव?

रोज सिर्फ 30 मिनट योग-प्राणायाम, फेफड़ों की दवा बन सकता है। आपको बता दें कि बढ़ता सिरदर्द, थकान, सांस फूलना, बच्चों की खांसी, इस तरह के लक्षण ये सिग्नल हैं कि शरीर अब जहर नहीं झेल पा रहा है। स्मॉग की वजह से गले में खराश, आंखों में जलन, कंजक्टिवाइटिस, नाक में खुजली, जुकाम, सूखी खांसी, सीने मे चुभन, स्किन एलर्जी जैसी समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। प्रदूषण से बचने के लिए बुजुर्ग, बच्चे, मरीज बाहर निकलने से बचें, बाहर जाना पड़े, तो मास्क पहनें, घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं और खट्टी, ठंडी चीजों से परहेज करें। इसके अलावा आंवला जैसे न्यूट्रिशस फूड्स खाएं, वक्त-वक्त पर पानी पीते रहें।

साइड इफेक्ट्स के उपाय

गले में खराश हो तो गरारे करें और नाक बंद हो तो सुबह भाप लें। प्रदूषण का असर कम करने के लिए क्रैनबेरी, अखरोट, गुड़, नींबू जैसी चीजें फायदेमंद साबित हो सकती हैं। एलर्जी से राहत पाने के लिए 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च, 50 ग्राम शक्कर मिलाकर पाउडर बनाएं और 1 चम्मच दूध के साथ लें। पॉल्यूशन से बचाव के लिए आप एरेका पाम, स्पाइडर प्लांट, बोगनविलिया, मनी प्लांट, पीस लिली और स्नेक प्लांट लगा सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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