ठंड का मौसम आते ही कई लोगों को जोड़ों में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी महसूस होने लगती है। अक्सर लोग इसे ठंड का असर मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन असल वजह शरीर में बढ़ता हुआ यूरिक एसिड भी हो सकता है। दरअसल, सर्दियों के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीमी हो जाती है, पानी पीने की मात्रा घट जाती है, डाइट में प्यूरिन युक्त फूड्स का सेवन बढ़ जाता है और मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है। इन्ही कारणों से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है जो धीरे-धीरे गठिया, सूजन और तीखे जोड़ों के दर्द की समस्या पैदा करता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इसे इस मौसम में कैसे कंट्रोल करें?
सर्दियों में कैसे कंट्रोल करें यूरिक एसिड
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खूब पानी पिएं: सर्दियों में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें। दिन भर में ढाई से तीन लीटर गुनगुना पानी पिएं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
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विटामिन सी से भरपूर फलों का करें सेवन: यूरिक एसिड किडनी से पूरी तरह से फ़िल्टर हो जाए इसलिए अपनी डाइट में विटामिन सी से भरपूर संतरे, नींबू, आंवला और अंगूर जैसे फलों का सेवन करें। विटामिन सी यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है।
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डाइट से प्यूरीन करें बाहर: अगर आप यूरिक एसिड से अपना बचाव करना चाहते हैं तो प्यूरीन और प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन कम से कम करें। रेड मीट, ऑर्गन मीट और कुछ प्रकार की सी-फूड का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और केले जैसे प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थ भी कम खाएं।
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नियमित व्यायाम करें: यूरिक एसिड कम करने में योग और प्राणायाम बहुत फायदेमंद हैं। ये व्यायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, किडनी के कार्य को बेहतर बनाने और चयापचय को बढ़ाकर यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
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शराब से दूरी: शराब, खासकर बीयर, से दूरी बनाए रखें क्योंकि इसमें प्यूरीन बहुत ज़्यदा होता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है। इसलिए इनका सेवन पूरी तरह बंद कर दें
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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