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शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन बी 12? जान लें इसकी कमी के लक्षण और बचाव के तरीके

विटामिन B12 जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है हमारे शरीर के लिए एक "पावरहाउस" पोषक तत्व है। यह शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनिवार्य है। ऐसे में चलिए जानते हैं इसकी कमी के लक्षण क्या हैं।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन बी 12?- India TV Hindi Image Source : FREEPIK शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन बी 12?

विटामिन B12 हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। ये हमारी बॉडी में खुद से नहीं बनता। ऐसे में इसे फूड के माध्यम से इसे लेना होता है। शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर सिस्टम ठप पड़ जाता है। विटामिन B12 का सबसे प्रमुख काम हड्डियों के मज्जा (Bone marrow) में रेड ब्लड सेल्स को बनाना है। अगर इसकी कमी हो जाए, तो ये कोशिकाएं ठीक से नहीं बन पातीं, जिससे 'एनीमिया' हो सकता है और आप थकान महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही यह शरीर की हर कोशिका में मौजूद DNA को बनाने और उसकी मरम्मत करने में मदद करता है। शरीर में नई कोशिकाओं के बनने के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसकी कमी से क्या क्या परेशानियां हो सकती है। यहां एम्स के डॉक्टर अमरिंदर सिंह मल्ही से जानने की कोशिश करेंगे कि इसकी कमी के लक्षण और बचाव के तरीके क्या हैं। 

विटामिन B12 शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

रेड ब्लड सेल्स का निर्माण
यह शरीर में स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से कोशिकाएं असामान्य रूप से बड़ी हो जाती हैं, जिससे 'एनीमिया' हो सकता है।

DNA का निर्माण
यह हमारी कोशिकाओं के जेनेटिक मटेरियल (DNA) बनाने और उसे रिपेयर करने में मदद करता है।

दिमाग और नर्वस सिस्टम
विटामिन B12 नसों की माइलिन को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसके बिना नसों में डैमेज और दिमागी कमजोरी हो सकती है।

एनर्जी लेवल़
यह भोजन को ग्लूकोज में बदलकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है।

कमी के लक्षण 
लगातार थकान और कमजोरी।
हाथों और पैरों में झुनझुनी या सूनापन।
जीभ में सूजन या छाले। 
त्वचा का पीला पड़ना।
सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना।
याददाश्त में कमी या भूलने की बीमारी।
चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन।
एकाग्रता में कमी।
चलने-फिरने या संतुलन बनाने में दिक्कत।
धुंधली दृष्टि। 

विटामिन B12 के स्रोत
डेयरी प्रोडक्ट: दूध, दही, पनीर और छाछ।

अंडे: अंडे की जर्दी में अच्छी मात्रा में B12 होता है।

नॉनवेज: मछली (टूना, सैल्मन), चिकन और रेड मीट।

बचाव और इलाज के तरीके
बैलेंस्ड डाइट: अपनी डाइट में दूध और दही को नियमित रूप से शामिल करें।

सप्लीमेंट्स: यदि आप वेजिटेरियन हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर B12 की गोलियां या स्प्रे ले सकते हैं।

नियमित चेकअप: 30 साल की उम्र के बाद साल में एक बार अपना विटामिन प्रोफाइल जरूर चेक कराएं।

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