नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की आबोहवा में अब चैन की सांस लेना किसी खतरे से कम नहीं। सड़कों पर अंधाधुंध दौड़ती गाड़ियों के चलते राजधानी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो चुकी है। हाल ही में इस दिशा में कुछ बेहतर करने के उद्देश्य से 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसका तमाम ट्रांसपोर्टर अब भी विरोध कर रहे हैं। आज हम अपनी खबर में आपको बताएंगे कि दिल्ली के कुछ इलाकों की हवा में विषाक्त कण यानी की पीएम10 और पीएम2.5 (मानव बाल से 100 गुना पतले) की मात्रा तेजी से सामान्य स्तर को पार कर चुकी है। यहां अब राजधानी के इन क्षेत्रों में सांस लेना खतरे से खाली नहीं।
क्या है PM10- हमारे वायुमंडल में मौजूद ठोस या तरल पदार्थों के छोटे छोटे कणों को अभिकणीय पदार्थ (Particulate Matter) कहा जाता है। अधिकांश इतने छोटो होते हैं कि आप इन्हें देख भी नहीं सकते। ये एक प्रकार का वायुप्रदूषण फैलाते हैं, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
जानिए दिल्ली में कैसी है कहां की हवा
| मंदिर मार्ग- |
मात्रक- माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर में |
| PM10 |
178 |
| SO2 |
10.6 |
| NO2 |
51.4 |
| CO |
0.7 |
| पंजाबी बाग |
मात्रक- माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर में |
| PM10 |
179 |
| SO2 |
9.2 |
| NO2 |
72.4 |
| CO |
1.3 |
| आर के पुरम |
मात्रक- माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर में |
| पीएम10 |
207 |
| SO2 |
9.2 |
| NO2 |
114.4 |
| CO |
1.8 |
| सामान्य (सहनीय) स्तर |
मात्रक- माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर में |
| PM10 |
100 |
| SO2 |
80 |
| NO2 |
80 |
| CO |
04 |
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