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Hindi News भारत राष्ट्रीय भारत में अबतक कोविड-19 वैक्सीन की करीब 89 करोड़ खुराक दी गई: सरकार

भारत में अबतक कोविड-19 वैक्सीन की करीब 89 करोड़ खुराक दी गई: सरकार

सरकार ने कहा कि जायडस कैडिला के स्वदेशी रूप से विकसित सुई-मुक्त कोविड-19 वैक्सीन जायकोव-डी को बहुत जल्द राष्ट्रव्यापी कोरोना वायरस वैक्सीनेशन अभियान में शामिल किया जाएगा और वर्तमान में उपयोग किए जा रहे वैक्सीन की तुलना में इसका अलग मूल्य होगा। 

Covid-19 vaccination: India administers nearly 89 cr doses so far- India TV Hindi Image Source : PTI भारत में कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन की अबतक करीब 89 करोड़ खुराक दी गई है।

नयी दिल्ली: भारत में कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन की अबतक करीब 89 करोड़ खुराक दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक 58 लाख से अधिक खुराक दी गई। मंत्रालय ने कहा कि रोजाना दिए जा रहे वैक्सीन की खुराकों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि आंकड़े को संकलित करने के बाद अंतिम रिपोर्ट देर रात आएगी। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अबतक देश में कुल 64,98,28,333 पहली खुराक और 23,97,86,150 दूसरी खुराक दी गई है। 

मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से रक्षा के लिए वैक्सीनेशन अभियान की उच्चतम स्तर पर नियमित समीक्षा एवं निगरानी हो रही है। देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत एक मई से हुई थी। सरकार ने कहा कि जायडस कैडिला के स्वदेशी रूप से विकसित सुई-मुक्त कोविड-19 वैक्सीन जायकोव-डी को बहुत जल्द राष्ट्रव्यापी कोरोना वायरस वैक्सीनेशन अभियान में शामिल किया जाएगा और वर्तमान में उपयोग किए जा रहे वैक्सीन की तुलना में इसका अलग मूल्य होगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जहां तक इसके खरीद मूल्य का सवाल है, उसे लेकर सरकार निर्माता के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, “जहां तक वैक्सीन की कीमत का सवाल है, जिस पर इसे खरीदा जाएगा, हम निर्माता के साथ बातचीत कर रहे हैं। चूंकि यह तीन-खुराक वाला वैक्सीन है और एक सुई रहित वितरण प्रणाली के साथ आता है, इसलिए इसकी कीमत में मौजूदा समय में कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम में उपयोग किए जा रहे वैक्सीन की कीमत से अंतर होगा।”

कोवैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मंजूरी के संबंध में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, “हम जानते हैं कि वैज्ञानिक आंकड़ा, सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी विचार और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर विचार किया जाता है, जिस पर डब्ल्यूएचओ द्वारा मंजूरी दी जाती है। ये सभी उपलब्ध कराए गए हैं और उन पर गौर किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ उसी के अनुरूप फैसला करेगा।”

जायकोव-डी को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से आपातकालीन उपयोग की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है और इसे 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को दिया जाएगा। कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक-वी वैक्सीन केवल 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दिए जा रहे हैं। इनकी दो खुराक दी जाती हैं जबकि इसके विपरीत जायकोव-डी तीन-खुराक वाला वैक्सीन है।

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