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Hindi News भारत राष्ट्रीय चक्रवात ओखी: दक्षिण तमिलनाडु, केरल में भारी बारिश, मरने वालों की संख्या 17 पहुंची

चक्रवात ओखी: दक्षिण तमिलनाडु, केरल में भारी बारिश, मरने वालों की संख्या 17 पहुंची

एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने चक्रवात के कारण हुई घटनाओं में मारे गए लोगों के लिए चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। तिरुवनंतपुरम से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केरल के कम से कम 218 मछुआरे खराब मौसम के का

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चेन्नई/तिरूवनंतपुरम: केरल और दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश जारी है जिससे सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं चक्रवात ओखी लक्षद्वीप में मिनिकॉय से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में स्थित है। दोनों राज्यों में वर्षाजनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या आज 17 हो गई। कन्याकुमारी में चक्रवात ओखी के कारण मरने वालों की संख्या पांच हो गई वहीं दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटे में गहरे दबाव में बदल सकता है जिससे तमिलनाडु में और बारिश होने की संभावना है।

एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने चक्रवात के कारण हुई घटनाओं में मारे गए लोगों के लिए चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। तिरुवनंतपुरम से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केरल के कम से कम 218 मछुआरे खराब मौसम के कारण समुद्र में फंसे हुए थे जिन्हें आज सुरक्षित तरीके से तट पर लाया गया। वहीं राज्य में मरने वालों की संख्या सात हो गई है। चेन्नई में पलानीस्वामी ने चक्रवात से पैदा हुई स्थिति का जायजा लिया।

एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि कन्याकुमारी और तिरूनेलवेली जिले में भारी बारिश से प्रभावित 1200 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। सबसे बुरी तरह प्रभावित कन्याकुमारी में राहत कार्य तेज करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की दो टीम और राज्य आपदा प्रतिक्रिया एजेंसी की सात टीमों को तैनात किया गया है। इसमें बताया गया है कि कन्याकुमारी, तिरूनेलवेली और तूतीकोरिन जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं से 579 वृक्ष उखड़ गए और उन्हें हटाने का प्रयास जारी है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एस. बालचंद्रन ने कहा, ‘‘दक्षिण अंडमान सागर और इसके आसपास के इलाकों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 48 घंटे में गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के अगले चार दिन में उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र तट की तरफ बढ़ने के आसार हैं। नीलगिरी, कोयम्बटूर, थेनी और डिंडिगुल में भारी बारिश होने की संभावना है।

चक्रवात ओखी का बांग्ला में मतलब ‘आंख’ होता है जो आज गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होकर अरब सागर की तरफ बढ़ गया। बालचंद्रन ने कहा कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश हो रही है और पापनासम (तिरुनेलवेली जिला) में 45 सेंटीमीटर वर्षा हुई है।  कन्याकुमारी में राहत कार्यों की निगरानी के लिए तैनात किए गए तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री आर बी उदय कुमार ने कहा कि जिन इलाकों में पानी भर गया है वहां से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में तेज हवाओं के कारण 500 से ज्यादा वृक्ष उखड़ गए।

अधिकारियों ने बताया कि मशहूर पद्मनाभपुरम महल के पेड़ भी उखड़ गए। दक्षिण तमिलनाडु में बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त होने के कारण जिले के स्कूलों और कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई। दक्षिण रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कन्याकुमारी और नागरकोइल में कुछ रेल सेवाएं रद्द की गई हैं जबकि कुछ रेलगाड़ियां विलंब से चल रही हैं। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से समुद्र में फंसे मछुआरों को निकालने में सहयोग करने के लिए कहा। राधाकृष्णन के कार्यालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि सीतारमण ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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