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Rajat Sharma's Blog: लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने वालों से सख्ती से निपटा जाए

कोरोना वायरस का खतरा एक या दो हफ्ते में गायब नहीं होने वाला है इसलिए आपको ही खुद को इस वायरस से बचाना होगा। अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे तो इसमें काफी वक्त लग जाएगा। अपने आपको और अपने बच्चों को बचाने का एकमात्र तरीका है, दूसरों से दूर रहना और अपने घरों से बाहर जाते समय मास्क पहनना। 

Rajat Sharma's Blog: लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने वालों से सख्ती से निपटा जाए- India TV Hindi Image Source : INDIA TV Rajat Sharma's Blog: लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने वालों से सख्ती से निपटा जाए

बुधवार को भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों की संख्या 50 हजार के आकंड़े को पार करके 52,935 पर पहुंच गई। इस तरह एक ही दिन के अंदर 3602 नए मामले देखने को मिले, और साथ ही इंडिया टीवी को कई परेशान करने वाले वीडियो मिले जो हम सबके लिए चिंता का कारण है। एक वीडियो मुंबई के तिलक नगर में युवाओं के एक ग्रुप द्वारा सिख नागरिक इंदर सिंह राणा पर किए गए क्रूर, जानलेवा हमले से संबंधित है। अपने प्राइम टाइम शो 'आज की बात' में मैंने इन परेशान करने वाले दृश्यों को दिखाने से पहले माफी मांगी जिनमें कुछ युवा सिर्फ मास्क पहनने के लिए कहने पर किसी शख्स की जान लेने पर उतारू हो जाते हैं।

इंदर सिंह राणा ने सड़क पर जा रहे सलीम सिद्दीकी और उसके दोस्तों को मास्क पहनने के लिए कहा था। कहा-सुनी के बाद सलीम अपने दोस्तों के साथ तलवार और चाकू लेकर वापस आया और इंदर सिंह राणा पर ताबड़तोड़ हमले किए। तलवार तो राणा का सिर काटने के लिए चलाई गई थी, लेकिन उनकी पगड़ी ने उन्हें बचा लिया। इंदर सिंह ICU में अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके भाई कीर्ति सिंह भी हमले में घायल हो गए थे। पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पता चला है कि मुख्य आरोपी का ताल्लुक अंडरवर्ल्ड से है। उसके ऊपर पहले भी मामला दर्ज हुआ है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि घटना को सांप्रदायिक मोड़ न दें। एक हत्यारे का कोई धर्म नहीं होता। कानून की नजर में वह सभ्य समाज का दुश्मन है।

इंदर सिंह ने कोई पाप नहीं किया। उन्होंने तो बस सलीम और उसके दोस्तों को मास्क पहनने की सलाह दी थी। मुंबई में बिना मास्क के सड़कों पर घूमने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। सलीम और उसके दोस्तों ने जो किया, वह समाज के खिलाफ अपराध था। इंडिया टीवी के रिपोर्टर राजीव सिंह उस इलाके में गए और दोनों परिवारों से बात की। उन्होंने माना कि इस हमले के पीछे मास्क पहनना ही एकमात्र कारण था। राजस्थान के टोंक में, मंगलवार की रात नौजवानों का एक ग्रुप सड़क किनारे बैठकर पान खा रहा था और सड़क पर थूक रहा था। इस पर कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने आपत्ति जताई। थोड़ी दी देर में वहां पर झगड़ा शुरू हो गया। लड़कों के ग्रुप ने इसके बाद कारों और घरों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे 6 लोगों के सिर में चोटें आईं।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 20 लोगों को पकड़ा है। सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई है, क्योंकि सड़क पर थूकने वाले युवक मुस्लिम थे और आपत्ति करने वाले हिंदू थे। मैं फिर से सभी से अनुरोध करूंगा कि इस मामले को सांप्रदायिक मोड़ न दें। यह साफतौर पर लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को थूकने से मना किया गया है। टोंक में कोरोन वायरस से संक्रमण के 136 मामले हैं, लेकिन मालपुरा नाम के जिस इलाके में हिंसा हुई वह ग्रीन जोन में आता है। कोरोना वायरस हिंदू, मुस्लिम या ईसाई के बीच अंतर नहीं करता है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर आपत्ति जाहिर करके वरिष्ठ नागरिकों ने बिल्कुल ठीक किया था।

एक और घटना महाराष्ट्र के बुलढाना के हुसैन मस्जिद चौक इलाके में हुई। इस इलाके में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित लोग पाए गए हैं, लेकिन यहां नौजवान अक्सर शाम के बाद सड़कों पर बिना मास्क के घूमते हैं। जब एक पुलिसकर्मी राजेंद्र निखलजे ने इस पर आपत्ति जताई, तो उनमें से लोहे की रॉड लिए एक युवक ने पुलिसकर्मी पर हमला किया और बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी जावेद सहित 3 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अन्य फरार हैं।

शराब की ज्यादातर दुकानों के पास सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो रहा है। दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में शराब की एक दुकान के बाहर भारी भीड़ थी, और लोग किसी भी तरह बस आगे जाना चाहते थे। दिल्ली के गोल मार्केट में शराब की दुकान के सामने लगी ढाई किलोमीटर लंबी लाइन एक ऐसे अस्पताल के ठीक सामने तक चली गई जिसमें कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मैं आपसे साफ-साफ कहना चाहता हूं: आपकी और आपके परिवार के लोगों की जिंदगी अब आपके हाथों में है। सरकार, पुलिस, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपना काम किया है और जितना भी संभव है, कर रहे हैं। पुलिस लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने वालों पर 24 घंटे नजर नहीं रख सकती है।

कोरोना वायरस का खतरा एक या दो हफ्ते में गायब नहीं होने वाला है इसलिए आपको ही खुद को इस वायरस से बचाना होगा। अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे तो इसमें काफी वक्त लग जाएगा। अपने आपको और अपने बच्चों को बचाने का एकमात्र तरीका है, दूसरों से दूर रहना और अपने घरों से बाहर जाते समय मास्क पहनना। बुद्ध पूर्णिमा के दिन हमें सेवा, त्याग और आत्म नियंत्रण के बारे में सोचना चाहिए। भगवान बुद्ध का यह संदेश हमें कोरोना वायरस के संकट से लड़ने में मदद करेगा। (रजत शर्मा)

देखिए, 'आज की बात' रजत शर्मा के साथ, 06 मई 2020 का पूरा एपिसोड

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