नई दिल्ली। कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध के बीच सरकार और किसान नेताओं के बीच करीब 5 घंटे चली छठे दौर की वार्ता खत्म होने के बाद किसान नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। बैठक के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना चलता रहेगा। हालांकि, 31 दिसंबर को होने वाला ट्रैक्टर मार्च रद्द कर दिया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने हमारी दो मांगों को मान लिया है, आज की बातचीत अच्छी रही। अब चार जनवरी को अगली वार्ता होगी, तब तक शांतिपूर्ण ढंग से किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल ने सरकार के साथ बैठक के बाद कहा कि वहां अभी भी 3 कृषि कानूनों पर एक गतिरोध खत्म हो रहा है। हम एमएसपी पर उनके साथ आम सहमति नहीं बना सके। ठूंठ जलाने के मुद्दे पर, सरकार ने किसानों को जुर्माने से बाहर करने पर सहमति व्यक्त की है। बिजली के मुद्दे पर, सरकार ने बिजली बिल 2020 वापस ले लिया है।
ऑल इंडिया किसान सभा पंजाब के नेता बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि सरकार ने बिजली के प्रस्तावित बिल को वापिस ले लिया है। पराली के मामले में सरकार ने अध्यादेश जारी किया था, उसे भी वापिस ले लिया है। MSP और कृषि क़ानूनों पर 4 तारीख को बात होगी। बराड़ ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ बैठक के बाद कहा कि आज की बातचीत सकारात्मक रही। सरकार कहती रही है कि हमें आंदोलन समाप्त करना चाहिए और एक समिति बनानी चाहिए, लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी, हम अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे, हम कोई समिति नहीं बनाएंगे। हम अगली बैठक में MSP पर चर्चा करेंगे।
माझा किसान संघर्ष कमेटी, पंजाब के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने 2 मांग मान ली हैं। हमारे 2 विषय रह गए हैं- MSP और 3 कृषि क़ानून। इन दोनों विषय पर 4 तारीख को 2 बजे बात होगी। आज बहुत अच्छे माहौल में बैठक हुई। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम कुछ तो संतुष्ट है। दो मांगों को मान लिया गया है। अगली बैठक में हम MSP और 3 क़ानूनों को लेकर सरकार से बात करेंगे। कल की ट्रैक्टर रैली को हमने स्थगित कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
4 जनवरी को अगली बैठक, 4 में से दो मुद्दों पर बनी सहमति
किसान आंदोलन का बुधवार को 35वां दिन है। किसानों और सरकार के बीच अब 4 जनवरी को अगली बैठक होगी। आज की बैठक में किसानों की तरफ से रखे गए चार मुद्दों पर आपसी सहमति बन गई है। सरकार प्रदूषण अध्यादेश और प्रस्तावित बिजली बिल को लागू न करने पर तैयार है। कृषि मंत्री तोमर ने कहा, दिल्ली में सर्द मौसम को देखते हुए मैंने किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर भेजने का अनुरोध किया है। पर्यावरण से संबधित अध्यादेश है उसमें पराली और किसान सम्मिलित हैं, उनकी शंका थी किसान को इसमें नहीं होना चाहिए, इस पर दोनों पक्षों में सहमति हो गई है।
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