नयी दिल्ली: केरल में कोरोना का कहर जारी है। राज्य में बुधवार को 32,803 नए मामले सामने आए। यहां कोविड-19 जांच सकारात्मकता दर (टीपीआर) अधिक है और कुछ जिलों में तो यह 20 प्रतिशत से भी ज्यादा है जो वायरस के प्रसार का प्रमाण है। इस स्थिति के मद्देनजर बुधवार को सरकारी सूत्रों ने मामलों में कमी लाने के लिए सख्त रोकथाम उपायों और रणनीतिक लॉकडाउन की आवश्यकता को रेखांकित किया। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि वायरस के प्रसार की तीव्रता को कम करने के लिए लॉकडाउन और रणनीतिक रोकथाम उपायों को लागू करने में हिचक है, जबकि तटीय राज्य में आने वाले नए मामलों की संख्या देश की कुल संख्या की तीन-चौथाई से अधिक है।
सूत्रों ने कहा कि 85 प्रतिशत से अधिक कोरोना वायरस मरीजों के घरों में पृथकवास में होने के कारण, सख्त रोकथाम उपायों को लागू करने की आवश्यकता है। कई क्षेत्रों में, गृह पृथकवास दिशानिर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है जिससे संक्रमण फैल रहा है।
सूत्र ने कहा कि केरल में कोविड जांच सकारात्मकता दर अधिक है और कुछ जिलों में तो यह 20 प्रतिशत से भी अधिक है। राज्य घरों में पृथक वास को प्रमुख रणनीति के रूप में कार्यान्वित कर रहा है, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए, खासकर त्योहारों को देखते हुए, व्यापक नियंत्रण और रणनीतिक लॉकडाउन को लागू करने की आवश्यकता है।
सूत्र ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार, अगर केरल सख्त रोकथाम उपायों पर गौर करता है, तो दो सप्ताह के भीतर मामलों में खासी कमी आ सकती है। केरल में बुधवार को कोविड के 32,803 नए मामले सामने आए वहीं 173 लोगों की मौत हो गयी।
बीते 24 घंटों में 21,610 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं और कुल स्वस्थ होने वालों की संख्या 38,38,614 हो गई है जबकि ऐक्टिव मामलों की संख्या 2,29,912 हो गई है। राज्य के 14 जिलों में त्रिशूर में सबसे अधिक 4,425 मामले सामने आए, इसके बाद एर्नाकुलम (4,324), कोझीकोड (3,251), मलप्पुरम (3,099), कोल्लम (2,663), तिरुवनंतपुरम (2,579), पलक्कड़ (2,309), कोट्टायम (2,263), अलाप्पुझा (1,975), कन्नूर (1,657), पठानमथिट्टा (1,363), वायनाड (1,151) और इडुक्की (1,130) हैं।
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