मोनिया दि ग्रेट : बापू के बचपन की रियल स्टोरी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा(एनएसडी), दिल्ली में नाटक ‘मोनिया दि ग्रेट’ का मंचन किया गया।

खेल-कूद की उम्र में महात्मा बनने के संस्कार पड़ चुके थे
यह नाटक डेढ़ सौ साल पहले महात्मा गांधी के उस बाल जीवन के सफर पर दिलचस्प सफ़र पर ले जाता है जो राजकोट और पोरबंदर में बीता था। 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। उस वक्त उन्हें परिवार मोहनदास नाम दिया था लेकिन प्यार का नाम था मोनिया। नाटक बताता है खेल कूद की उम्र से लेकर नौजवान बनने के उस दौर में ही मोनिया में महात्मा बनने के संस्कार पड़ चुके थे। यह सब कैसे हो रहा था, वो कौन सी बातें थीं, जो मोनिया को महात्मा बना रही थीं,यही इस नाटक की विषय वस्तु है। इसमें ऐसे प्रसंग हैं जो सहज ही हर शख्स को उसके बाल जीवन में ले जाते हैं।