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Hindi News भारत राष्ट्रीय आनंद महिंद्रा फंसे मुसीबत में, एक व्यक्ति की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

आनंद महिंद्रा फंसे मुसीबत में, एक व्यक्ति की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में रायपुरवा थाने के प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि महिंद्रा कंपनी के कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले की जांच की जाएगी, इसके बाद इसमें आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

Anand Mahindra- India TV Hindi Image Source : FILE आनंद महिंद्रा

Anand Mahindra: महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के चेयरमैन आनंद महिंद्रा अक्सर सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट अक्सर वायरल होते रहते हैं। इसके साथ ही कुछ दिनों से चले आ रहे कनाडा-भारत विवाद के दौरान उनके लिए गए फैसले की भी हर तरफ तारीफ़ हो रही थी। लेकिन अब आनंद महिंद्रा एक बड़ी मुसीबत में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाले एक व्यक्ति ने महिंद्रा कंपनी के मालिक आनंद महिंद्रा समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने बिना एयरबैग लगी हुई गाड़ी बेच दी, जिससे उनके बेटे की मौत हो गई। कानपुर के जूही निवासी राजेश मिश्रा ने थाने में लिखाई गई एफआईआर में बताया कि साल 2020 में जरीब चौकी स्थित श्री तिरूपति आटो एजेंसी से 17 लाख रुपये की स्कार्पियो कार खरीदी थी। 14 जनवरी 2022 को उनका बेटा अपूर्व मिश्रा अपने दोस्तों के साथ लखनऊ से कानपुर आ रहा था। घने कोहरे के कारण उसकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा कर पलट गई, जिसमें अपूर्व की मौके पर मौत हो गई।

'गाडी में एयरबैग ना होने की मिली थी जानकारी'

उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह एजेंसी जाकर लोगों को इस बारे में अवगत कराया और बताया कि सीट बेल्ट लगाने के बावजूद कार के एयरबैग नहीं खुले जिस कारण उनके बेटे की मौत हो गई। इसके बाद उनकी एजेंसी के मैनेजर ने राजेश की बात कंपनी के निदेशकों से कराई। राजेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान एजेंसी के मैनजर व स्टाफ ने उनसे अभद्रता की। राजेश ने आरोप लगाया कि उन्होंने कार की टेक्निकल जांच कराई, जिसमें उन्हें कार में एयरबैग न होने की जानकारी मिली।

कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई है मामला 

राजेश ने मामले की शिकायत रायपुरवा थाने में की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई जिसके बाद राजेश ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद रायपुरवा थाने में एजेंसी के मैनेजर, चंद्र प्रकाश गुरनानी, विक्रम सिंह मेहता, राजेश गणेश जेजुरिकर, अनीस दिलीप शाह, थोथला नारायनासामी, हैग्रेव खेतान, मुथैया मुरगप्पन मुथैया व आनंद गोपाल महिंद्रा समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

कंपनी ने जारी किया बयान 

वहीं अब इस मामले में महिंद्रा कंपनी की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। कंपनी ने बताया है कि जिस इस हादसे के बाद गाड़ी की जांच की गई थी और पाया कि गाड़ी के एयरबैग में कोई खराबी नहीं थी। यह मामला गाड़ी पलटने का था और ऐसी स्थिति में गाड़ी के एयरबैग नहीं खुलते हैं। हमारी टीम ने अक्टूबर 2022 में इसे लेकर एक विस्तृत जांच पूरी की थी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि अब यह मामला अदालत में विचाराधीन है और हम आगे भी किसी भी तरह की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी संवेदना हादसे का शिकार हुए परिवार के साथ है और इस हादसे पर दुःख जताते हैं। 

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