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Hindi News भारत राष्ट्रीय सास हो तो ऐसी! दामाद की खातिरदारी में 290 तरह के पकवान परोसे, देखते ही खुशी के मारे भर गईं आंखें

सास हो तो ऐसी! दामाद की खातिरदारी में 290 तरह के पकवान परोसे, देखते ही खुशी के मारे भर गईं आंखें

मकर संक्रांति उत्सव तेलुगू राज्यों में विशेष तौर पर मनाते है लेकिन आंध्र प्रदेश में संक्रांति की बात ही कुछ और है। यहां अपने दामाद की पहली संक्रांति पर भव्य दावत का आयोजन किया जाता है।

सास ने दामाद और बेटी को...- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT सास ने दामाद और बेटी को परोसे व्यंजन।

आंध्र प्रदेश के नर्सीपटनम नगर पालिका के शांति नगर में रहने वाले नालम रमेश कुमार और उनकी पत्नी कलावती ने अपने नए दामाद श्रीहर्ष और बेटी लक्ष्मी नव्या का उनके पहले संक्रांति त्योहार के मौके पर एक अनोखे और शानदार तरीके से स्वागत किया। गोदावरी जिले की स्टाइल में, उन्होंने अपने 29 साल के दामाद का 290 तरह के पारंपरिक आटे से बने पकवानों की दावत देकर सम्मान किया। जब दामाद गुरुवार को लंच के लिए घर आया और अपने सामने रखे सारे पकवान देखे, तो वह हैरान रह गया।

दामाद को नहीं थी ऐसी उम्मीद

भोजन में मिठाइयां, फल, सूखे मेवे, कोल्ड ड्रिंक इस तरह के सैकड़ों व्यंजन छोटे-छोटे कपों में केले के पत्ते पर रखे गए थे और उन्हें खूबसूरती से सजाया गया था। दामाद और बेटी दोनों को खाने पर आमंत्रित किया गया था। नया दामाद इस महाभोज को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। उसने कहा कि उन्हें इतनी शानदार दावत की उम्मीद नहीं थी।

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क्या है ये परंपरा?

बता दें कि भारत विभिन्नताओं की तह में लिपटा एकता और संस्कारों का प्रतीक है। देश के कोने कोने में भिन्न-भिन्न रीति रिवाज मनाए जाते हैं। एक ऐसी ही परंपरा आंध्र प्रदेश में मनाई जाती है। यहां अपने दामाद की पहली संक्रांति पर भव्य दावत का आयोजन किया जाता है। 

मकर संक्रांति तेलुगु लोगों के लिए बड़ा पर्व होता है। नए शादी शुदा लोगों को लड़की वाले अपने घर बुलाते हैं और तरह-तरह के पकवान बनाकर खिलाते हैं। उस जमाने में कहा जाता था कि जो भी पकवान प्रचलित थे दामाद के स्वागत-सत्कार में वो सब बनाये जाते थे। आज के जमाने ने भी दो परिवारों ने ऐसा किया और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गए।

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