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Hindi News भारत राष्ट्रीय Hardik Patel to Join BJP: कभी बीजेपी को जी-भरकर कोसा, आज उसी पार्टी में शामिल होंगे पाटीदार आंदोलन के झंडाबरदार, पढ़िए उनके जीवन का सफर

Hardik Patel to Join BJP: कभी बीजेपी को जी-भरकर कोसा, आज उसी पार्टी में शामिल होंगे पाटीदार आंदोलन के झंडाबरदार, पढ़िए उनके जीवन का सफर

Hardik Patel To Join BJP: गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस का दामन छोड़ने के बाद आज 2 जून को बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। वे 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ हार्दिक बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।

Hardik Patel- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Hardik Patel

Highlights

  • आज कार्यकर्ताओं सहित बीजेपी में शामिल होंगे हार्दिक पटेल
  • पाटीदार आरक्षण की मांग को लेकर हमेशा रहे मुखर
  • 25 अगस्त 2015 को उनकी रैली में जुटे थे 5 लाख लोग

Hardik Patel To Join BJP: गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस का दामन छोड़ने के बाद आज 2 जून को बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। वे 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ हार्दिक बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। हार्दिक पटेल गुजरात के पाटीदार आंदोलन से रातोंरात देश की सुर्खियां बन गए थे। उन्होंने पाटीदार आंदोलन की बागडोर संभाली तो पाटीदार समाज ने भी उन्हें अपनी सिर आंखों पर बैठा लिया था। सार्वजनिक जीवन से वे फिर राजनीतिक जीवन में आए और पहले कांग्रेस और आज बीजेपी का दामन थामने वाले हैं। उस बीजेपी में वे शामिल होंगे, जिसे उन्होंने कभी जी भरकर कोसा था। अमित शाह को तो उन्होंने जनरल डायर तक कह दिया था। लेकिन राजनीति में कुछ स्थाई नहीं होता। आज वही भारतीय जनता पार्टी में वे अपना भविष्य देख रहे हैं। जानिए उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के कौन—कौनसे अहम पड़ाव आए। 

2014 में सार्वजनिक जीवन में अचानक उभरे हार्दिक

सार्व​जनिक जीवन से राजनीतिक सीढ़ियां चढ़ने वाले हार्दिक ने वर्ष 2014 में सार्वजनिक जीवन का आगाज किया था, जब वे पाटीदार संगठन सरदार पटेल ग्रुप से जुड़े। तब उन्होंने पाटीदार समाज का झंडा उठाया और समाज के आरक्षण की मांग को लेकर झंडा बुलंद किया था। सरदार पटेल ग्रुप ने साल 2015 में पाटीदार आरक्षण की मांग को लेकर पहली रैली विसनगर में निकाली थी। इस रैली में शामिल हार्दिक पटेल और अन्य पर बीजेपी विधायक के दफ्तर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा था। इस मामले में कोर्ट ने हार्दिक को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। हार्दिक सुप्रीम कोर्ट गए और सर्वोच्च न्यायालय ने सजा पर रोक लगा दी थी।

सूरत रैली से चर्चा में आए थे हार्दिक पटेल

हार्दिक पटेल के आक्रामक रवैये को पाटीदार समाज ने हाथोंहाथ लिया। बेपनाह समर्थन उन्हें पाटीदार समाज से मिला। यही कारण रहा कि उन्होंने रैलियां करना शुरू किया। उनके लिए 2015 की रैली तो बस आगाज थी। बीजेपी विधायक के दफ्तर में तोड़फोड़ हुआ तो हार्दिक के नाम की चर्चा शुरू हुई थी। लेकिन हार्दिक चर्चा में सूरत रैली से आए। दरअसल, सूरत की रैली में पाटीदार समाज के 3 लाख लोग एकसाथ एकत्र हुए थे। यह एक बहुत बड़ी संख्या थी। इस आंदोलन ने यह जता दिया था कि हार्दिक पटेल पाटीदार समाज के सबसे चर्चित और सर्वमान्य नेता के रूप में उभरकर आए। यहीं से सही मायनों में उनका सार्वजनिक जीवन से राजनेता बनने का सफर शुरू हुआ। वे पाटीदार आरक्षण की मांग को लेकर राजनीतिक पार्टियों में अपनी संभावनाएं टटोलने लगे। 

25 ​अगस्त 2015 की वो रैली, जब जुटे थे 5 लाख लोग

फिर आया 25 अगस्त 2015 का वो दिन, जब अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड में उनकी रैली को सुनने के लिए 5 लाख लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। क्रांति रैली में जुटी इस भीड़ को देखकर तो सरकार भी सकते में आ गई थी। तब हार्दिक पटेल ने ऐलान किया था कि आनंदी पटेल जब तक खुद कार्यक्रम स्थल पर आकर ज्ञापन नहीं लेंगी, वे वहां से न​ही हिलेंगे। आनंदीबेन उस समय गुजरात की मुख्यमंत्री थी। 

जब खुद अमित शाह पहुंचे पाटीदारों को मनाने

हार्दिक पटेल जो अचानक पाटीदार आंदोलन का चमकता सितारा बनकर उभरा, उनके नेतृत्व में पाटीदार आंदोलन की आग पूरे गुजरात में भड़क गई थी। इस आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए खुद अमित शाह पाटीदारों को मनाने के लिए पहुंचे थे। तब पाटीदार समाज के नौजवानों का विरोध उन्हें झेलना पड़ा। 

2019 में थामा कांग्रेस का हाथ, तीन साल बाद कह दिया 'गुडबाय'

पाटीदार समाज के इस झंडाबरदार को, जो बीजेपी का विरोध कर रहा था। कांग्रेस ने हाथोंहाथ लिया। कांग्रेस ने ​हार्दिक के मार्फत बीजेपी पर हमला करने की ठानी और यही कारण रहा कि  साल 2019 में हार्दिक ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस ने 11 जुलाई 2020 को हार्दिक को गुजरात में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष की कमान सौंपी थी। लेकिन कांग्रेस का चाल चरित्र हार्दिक को समझ में नहीं आया। वे कांग्रेस की उपरी लीडरशिप से लगातार परेशान होते रहे। खुद हार्दिक का कहना था कि उन्हें कांग्रेस की लीडरशिप अपने हस्तक्षेप से परेशान कर रही थी। परेशान होकर हार्दिक ने कांग्रेस को गुडबाय कह दिया और 18 मई 2022 को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

हार्दिक पटेल बीजेपी में तलाश रहे अपना भविष्य

हार्दिक यह जानते हैं कि बीजेपी आज के समय में वो पारस पत्थर है, जिसे छू ले वो सोना बन जाता है यानी उसका कद बढ़ जाता है। यही कारण रहा कि आज 2 जून के दिन देश ही नहीं, दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल में शामिल होने जा रहे हैं। बीजेपी में शामिल होने से पहले हार्दिक पटेल साधु-संतों समेत गौ पूजा में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह 11 बजे पटेल कमलम् गांधीनगर में बीजेपी के प्रदेश प्रमुख की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हो जाएंगे।

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