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Hindi News भारत राष्ट्रीय सिविल सेवा उम्मीदवारों को अतिरिक्त अवसर देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सरकार

सिविल सेवा उम्मीदवारों को अतिरिक्त अवसर देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सरकार

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के आधार पर इस मुद्दे पर विचार किया गया और सिविल सेवा परीक्षाओं के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु सीमा से संबंधित मौजूदा प्रावधानों में परिवर्तन करना संगत नहीं पाया गया है।

No proposal under consideration for giving extra attempt to civil services aspirants, Govt tells RS- India TV Hindi Image Source : PTI/REPRESENTATIVE IMAGE No proposal under consideration for giving extra attempt to civil services aspirants, Govt tells RS

Highlights

  • सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों को अतिरिक्त प्रयास का मौका देने के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
  • कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी

नयी दिल्ली: सरकार ने गुरुवार को संसद में कहा कि 2022 के लिए सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों को अतिरिक्त प्रयास का मौका देने के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त प्रयास का मौका देने का मुद्दा सीएसई अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिका के माध्यम से उच्चतम न्यायालय के समक्ष लाया गया था।

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के आधार पर इस मुद्दे पर विचार किया गया और सिविल सेवा परीक्षाओं के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु सीमा से संबंधित मौजूदा प्रावधानों में परिवर्तन करना संगत नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उपर्युक्त को ध्यान में रखते हुए, ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार वर्ष 2022 के लिए उम्मीदवारों को अतिरिक्त प्रयास का मौका देने पर विचार करेगी?

सिंह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि मौजूदा आईएएस (संवर्ग) नियमावली, 1954 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए प्रावधान है। तथापि, राज्य सरकार केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों को प्रायोजित नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए, अखिल भारतीय सेवाएं अधिनियम 1951 की धारा 3 में निहित प्रावधानों के अनुसार आईएएस अधिकारियों की केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से संबंधित आईएएस (संवर्ग) नियमावली 1954 के नियम 6(1) में संशोधन करने के प्रस्ताव पर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से टिप्पणियां मांगी गई है तथा उनकी जांच की जा रही है। 

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