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Hindi News भारत राष्ट्रीय Pariksha Pe Charcha 2022: पीएम मोदी बोले- परीक्षा को त्योहारों के रूप में लें, P3 movement का किया जिक्र

Pariksha Pe Charcha 2022: पीएम मोदी बोले- परीक्षा को त्योहारों के रूप में लें, P3 movement का किया जिक्र

PM मोदी ने कहा कि, समाज बेटियों के सामर्थ्य को जानने में अगर पीछे रह गया, तो वो समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। मैंने ऐसी कई बेटियां देखीं, जिन्होंने मां-बाप के सुख और उनके बुढ़ापे की चिंता के लिए खुद ने शादी नहीं की और मां-बाप की सेवा में जिंदगी खपा दी। जो बेटा नहीं कर सकता वो बेटियों ने किया है।

Pariksha Pe Charcha 2022: PM Narendra Modi - India TV Hindi Image Source : @BJP4INDIA Pariksha Pe Charcha 2022: PM Narendra Modi 

Highlights

  • Pariksha Pe Charcha कार्यक्रम में छात्रों ने पीएम मोदी से पूछे सवाल
  • पीएम मोदी ने मंच का संचालन करने वाले बच्चों की तारीफ भी की
  • आप जिस पल में हैं, उस पल को जीने की कोशिश कीजिए- प्रधानमंत्री मोदी

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वार्षिक ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान छात्रों के साथ बातचीत की और उन्हें परीक्षा को त्योहारों के तौर पर लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने तालकटोरा स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच वहां मौजूद लोगों से कहा, ‘‘यह मेरा पसंदीदा कार्यक्रम है, लेकिन कोविड के कारण मैं आपसे नहीं मिल सका था। इससे मुझे काफी खुशी मिल रही है, क्योंकि मैं लंबे समय के बाद आपसे मिल रहा हूं।’’ पीएम मोदी ने कहा कि, हमें दुनिया में P3 movement चलाने की जरूरत है। Pro-Planet -People, ये P3 movement से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ेंगे, तो इससे हमें लाभ मिलेगा।

पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के 5वें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि मैं नहीं मानता कि हमें परीक्षा के लिए पढ़ना चाहिए, गलती वहीं हो जाती है। मैं इस परीक्षा के लिए पढूंगा, फिर मैं उस परीक्षा के लिए पढूंगा। इसका मतलब हुआ कि आप पढ़ नहीं रहे हैं, आप उन जड़ी-बूटियों को खोज रहे हैं जो आपका काम आसान कर दें। अगर आपने अपनी शिक्षा को पूर्ण रूप से आत्मसात किया है तो परीक्षा का रूप रूकावट नहीं बनता है। इसलिए अपने आप को परीक्षा के लिए तैयार करने में दिमाग खपाने की बजाए, खुद को योग्य, शिक्षित व्यक्ति बनाने के लिए, विषय का मास्टर बनने के लिए हमें मेहनत करनी चाहिए। 

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘घबराया हुआ कौन है? आप या आपके माता-पिता? यहां अधिकतर लोगों के माता-पिता घबराए हुए हैं। अगर हम परीक्षा को त्योहार बना दें तो यह जीवंत बन जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का देश के हर वर्ग ने तहे दिल से स्वागत किया है। गुजरात के वडोदरा के केनी पटेल ने पूछा कि सही तैयारी (रिवीज़न) और पर्याप्त नींद लेकर कोई भी पाठ्यक्रम कैसे पूरा किया जा सकता। मोदी ने कहा, ‘‘आप इतने घबराए हुए क्यों हैं? आप पहली बार परीक्षा नहीं देंगे। अब आप आखिरी पड़ाव के करीब बढ़ रहे हैं। आपने पूरा समुद्र पार कर लिया है अब किनारे के पास आकर आपको डूबने का डर है?’’ 

PM मोदी ने कहा कि, समाज बेटियों के सामर्थ्य को जानने में अगर पीछे रह गया, तो वो समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। मैंने ऐसी कई बेटियां देखीं, जिन्होंने मां-बाप के सुख और उनके बुढ़ापे की चिंता के लिए खुद ने शादी नहीं की और मां-बाप की सेवा में जिंदगी खपा दी। जो बेटा नहीं कर सकता वो बेटियों ने किया है। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ध्यान बहुत सरल है। आप जिस पल में हैं, उस पल को जीने की कोशिश कीजिए। अगर आप उस पल को जी भरकर जीते हैं तो वो आपकी ताकत बन जाता है। ईश्वर की सबसे बड़ी सौगात वर्तमान है। जो वर्तमान को जान पाता है, जो उसे जी पाता है, उसके लिए भविष्य के लिए कोई प्रश्न नहीं होता है। खुद को जानना बहुत जरूरी है। उसमें भी कौन सी बातें हैं जो आपको निराश करती हैं, उन्हें जानकर अलग कर लें। फिर आप ये जाने लें कि कौन सी बातें आपको सहज रूप से प्रेरित करती हैं।आप स्वयं के विषय पर जरूर विश्लेषण कीजिए।

बता दें कि, शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों से ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन किया जा रहा है। पहले तीन बार इसे दिल्ली में एक ‘इंटरैक्टिव टाउन-हॉल’ प्रारूप में आयोजित किया गया था। चौथा संस्करण पिछले साल सात अप्रैल को ऑनलाइन आयोजित किया गया था। 

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